Nagpur News: रेल दुर्घटनाएं रोकने के लिए 'शेल सिस्टम' का सर्वे अंतिम चरण में, DRM विनायक गर्ग ने दी जानकारी

रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विकसित कवच सुरक्षा प्रणाली को 10,000 रेल इंजनों में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए इंजनों के साथ रेलवे ट्रैक को भी अपग्रेड करना पड़ता है।
रेल दुर्घटनाएं रोकने के लिए 'शेल सिस्टम' में सर्वे।
रेल दुर्घटनाएं रोकने के लिए 'शेल सिस्टम' में सर्वे।
Updated on

नागपुर: रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विकसित कवच सुरक्षा प्रणाली को 10,000 रेल इंजनों में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। मध्य रेल और दक्षिण पूर्व मध्य रेल के नागपुर मंडलों में इसके लिए जरूरी सर्वे का काम इस माह के अंत तक पूरा हो जाएगा। यह जानकारी मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के रेल प्रबंधक विनायक गर्ग ने दी।

इस दौरान उपस्थित दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने यही बात दोहराई। डीआरएम गर्ग ने कहा कि यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है। इसके लिए इंजनों के साथ रेलवे ट्रैक को भी अपग्रेड करना पड़ता है।

रेल मंत्री पहले ही बता चुके हैं कि 2030 तक भारतीय रेल के लगभग सभी इंजनों को कवच प्रणाली से कवर करने का लक्ष्य है। उम्मीद है कि जल्द ही नागपुर में भी यह काम शुरू होगा।

15 स्टेशन होंगे योजना के तहत पुनर्विकसित

गोधनी महत्वपूर्ण स्टेशन अमृत भारत स्टेशन को लेकर डीआरएम गर्ग ने बताया कि नागपुर मंडल में 15 स्टेशनों को इस योजना के तहत पुनर्विकसित किया जा रहा है। इनमें से 3 स्टेशनों पुलगांव, जुन्नारदेव और घोड़ाडोंगरी का काम फरवरी या मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसमें गोधनी स्टेशन को भी पुनर्विकसित किया जा रहा है। किन्हीं अड़चनों के चलते यहां काम देरी से शुरू हुआ लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि यह एक महत्वपूर्ण स्टेशन है जो भविष्य में काफी उपयोगी साबित होने वाला है।

रेल दुर्घटनाएं रोकने के लिए 'शेल सिस्टम' में सर्वे।

स्टेशन के ट्रैफिक सिस्टम पर भारी दबाव

डीआरएम गर्ग ने कहा कि रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत जारी निर्माण कार्य के चलते स्टेशन परिसर में यात्रियों के लिए जगह कम हो रही है। विशेषकर पार्किंग या वाहनों के आवाजाही क्षेत्र में परेशानी बढ़ी है। यह कहने में कोई दो राय नहीं कि स्टेशन परिसर में ट्रैफिक सिस्टम पर भारी दबाव है।

हमारा प्रयास है कि लोगों को कम से कम परेशानी हो। हालांकि यह भी सच है कि आने वाले एक वर्ष में लोगों के लिए स्टेशन काफी अधिक सुविधाजनक साबित होगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com