Exclusive: 6 मार्च को खुलेगा राज्य का पिटारा, सुधीर मुनगंटीवार ने बताई महाराष्ट्र बजट की इनसाइड स्टोरी
Maharashtra Budget 2026: पूर्व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने दिए संकेत। खेती, इन्फ्रास्ट्रक्चर और AI पर रहेगा जोर। 6 मार्च को पेश होगा राज्य का बजट।
- Written By: प्रिया जैस
सुधीर मुनगंटीवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Sudhir Mungantiwar Navbharat Charcha: भारत के आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में बढ़ते कदम में महाराष्ट्र का महत्वपूर्ण योगदान है। आगामी 6 मार्च को पेश होने वाले राज्य के बजट में खेती, बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और कौशल विकास को केंद्र में रखे जाने के संकेत राज्य के पूर्व वित्त मंत्री और विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने दिए। ‘नवभारत’ पहुंचे मुनगंटीवार ने अर्थव्यवस्था और आगामी बजट की अपेक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की।
197 करोड़ से 53.50 लाख करोड़ तक का सफर
देश की बजटीय यात्रा का उल्लेख करते हुए मुनगंटीवार ने कहा कि 26 नवंबर 1947 को आरके षणमुखम चेट्टी द्वारा पेश किया गया देश का पहला बजट मात्र 197 करोड़ रुपये का था। आज यह आंकड़ा 53 लाख 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि 2013-14 में भारत आर्थिक रैंकिंग में 10वें स्थान पर था जो अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। सरकार का पूंजीगत निवेश 12 लाख करोड़ के पार चला गया है जिसका सकारात्मक असर पूरी अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है।
महंगाई पर नियंत्रण और वित्तीय अनुशासन
मुनगंटीवार ने बताया कि 2013-14 में महंगाई दर 10% से ऊपर थी जिसे अब 1.5% तक स्थिर करने में सफलता मिली है। केंद्र सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित कर आर्थिक अनुशासन बनाए रखा है जिसका सीधा लाभ राज्यों के विकास को मिल रहा है।
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महाराष्ट्र का जीडीपी में दबदबा
– देश की कुल जीडीपी में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 15% है।
– औद्योगिक उत्पादन में 20% का योगदान है।
– जीएसटी संग्रह में भी राज्य की हिस्सेदारी लगभग 20% है।
कृषि के सामने गंभीर चुनौतियां
सुधीर मुनगंटीवार ने खेती की गंभीर वास्तविकता की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जमीन का घटता आकार और उसका विखंडन किसानों के लिए संकट बन गया है। पहले किसान अंतर-फसल (जैसे कपास के साथ अरहर) लेकर जमीन की उर्वरता बनाए रखते थे लेकिन अब कम जमीन और पशु पालन के महंगे होने से खेती कठिन हो गई है। राज्य के 1.71 करोड़ किसानों में से 95 लाख को सरकार से 6,000 रुपये की सहायता मिल रही है। आगामी बजट में छोटे किसानों के लिए विशेष प्रावधानों की उम्मीद है।
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प्रमुख बिंदु
- बुनियादी ढांचे की रफ्तार : 2014 तक महाराष्ट्र में 4,900 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग थे जो 2024 तक बढ़कर 18,000 से 19,000 किमी हो गए हैं। समृद्धि महामार्ग और हवाई अड्डों के विकास से कनेक्टिविटी बढ़ी है।
- स्किल इंडिया और एआई : भविष्य की चुनौतियों के लिए युवाओं के कौशल विकास पर जोर देना जरूरी है। इसके लिए फ्रांस के साथ हुए समझौतों और तकनीकी सुधारों पर ध्यान दिया जाएगा।
- इनोवेशन ईयर : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नवीन अवधारणाओं को बढ़ावा देने के लिए आगामी बजट में विशेष प्रावधान की संभावना है।
विकास का असंतुलन दूर करने की आवश्यकता
पिछले कुछ वर्षों में देश और राज्य ने विकास की अभूतपूर्व गति देखी है। विकास कार्यों की इस दौड़ में आज विदर्भ भी पीछे नहीं है। हालांकि इस तेज प्रगति के बीच कहीं न कहीं विकास का असंतुलन महसूस किया जा रहा है। महाराष्ट्र के सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों में विकास का समान वितरण होना अनिवार्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकास की प्रक्रिया में किसी भी क्षेत्र का पीछे छूटना राज्य की समग्र प्रगति के लिए सही नहीं है।
