

Nagpur Solar Industries BrahMos Missile: भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में सोलर इंडस्ट्रीज ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के लिए अपना 100वां स्वदेशी बूस्टर सफलतापूर्वक तैयार कर उसे औपचारिक रूप से रवाना कर दिया है। यह मील का पत्थर न केवल कंपनी के लिए बल्कि पूरे देश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। सोलर के चेयरमैन सत्यनारायण नुवाल ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ डॉ. जेतीर्थ जोशी के साथ हरी झंडी दिखाकर खेप को रवाना किया।
इस सफलता की नींव 2018 में पड़ी थी जब सोलर इंडस्ट्रीज को रूस से आवश्यक तकनीक प्राप्त हुई थी। कंपनी ने अपने आरएंडडी और कठोर परीक्षणों के जरिए इस तकनीक को न केवल अपनाया बल्कि इसमें महारत हासिल की। विस्फोटक निर्माण क्षेत्र से रक्षा उद्योग में प्रवेश करने वाली यह कंपनी अब देश की रक्षा तैयारियों का एक मजबूत स्तंभ बन गई है।
सोलर इंडस्ट्रीज अब केवल बूस्टर तक ही सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी अब ब्रह्मोस के लिए स्वदेशी वॉरहेड विकसित करने पर भी तेजी से काम कर रही है। इसके प्राथमिक परीक्षण सफल रहे हैं और आगामी चरण के परीक्षणों की तैयारी चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रयास सफल रहता है तो ब्रह्मोस प्रणाली का एक और प्रमुख घटक पूरी तरह से 'मेक इन इंडिया' के तहत तैयार हो सकेगा।
विशेष समारोह में ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ डॉ. जेतीर्थ जोशी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक समय था जब हमें ब्रह्मोस जैसे घातक मिसाइल सिस्टम के लिए बूस्टर का आयात करना पड़ता था। तकनीक हस्तांतरण के बाद सोलर इंडस्ट्रीज ने इसे देश के भीतर बनाना शुरू किया और आज हम 100 बूस्टर बनाने के आंकड़े तक पहुंच गए हैं।