Nagpur High Court: नागपुर हाई कोर्ट की मनपा को कड़ी फटकार, बिना स्वीकृत प्लान के काम शुरू करने पर सवाल

Nagpur High Court: नागपुर के खेल मैदानों पर पानी टंकियों के अवैध निर्माण पर हाई कोर्ट सख्त। बिना मंजूर प्लान के काम शुरू करने और अचानक डिजाइन बदलने पर मनपा को लगाई कड़ी फटकार।
Nagpur HC reprimands NMC for illegal construction on playgrounds. Court questioned how work started without an approved plan and why designs changed abruptly.
नागपुर हाई कोर्ट (सोर्स - सोशल मिडिया)
Published on
Updated on

Nagpur NMC  Illegal Construction: खेल मैदानों पर हो रहे अतिक्रमण, दुर्दशा एवं अवैध निर्माण को लेकर छपी खबरों पर स्वयं संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकृत किया। गत सुनवाई के दौरान अदालत का ध्यानाकर्षित करते हुए बताया गया कि खेल मैदानों पर मनपा द्वारा पानी की टंकियों का निर्माण किए जाने की जानकारी उजागर की गई।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान निर्माण में गंभीर लापरवाही और मनमानी का मामला उजागर हुआ। बिना किसी स्पष्ट और प्लान मंजूर किए बिना निर्माण कार्य शुरू करने और फिर अचानक उसका डिजाइन बदल देने पर कड़ी आपत्ति जताई गई। इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए जब संबंधित अधिकारी को बुलाया गया तो वे भी नदारद रहे जिससे इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

तस्वीरों से खुली पोल अधिकारी रहे गायब

गुरुवार को सुनवाई के दौरान यह भी उजागर हुआ कि अंतरिम मंजूर प्लान के आवेदन पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया गया था। हालांकि संबंधित अधिकारी इस दौरान उपस्थित नहीं हुए। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब प्रकाशित तस्वीरों से यह खुलासा हुआ कि निर्माण स्थल पर पहले ही एक पिलर का निर्माण किया जा चुका था और उसके बाद अचानक पूरी डिजाइन को बदल दिया गया।

'अचानक किसी के कहने पर' बदल गई डिजाइन

इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि निर्माण की डिजाइन में बदलाव किसी तकनीकी या आधिकारिक कारण से नहीं बल्कि 'अचानक किसी के कुछ कहने' पर कर दिया गया। इस मनमाने रवैये पर नागपुर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह बयान स्वयं उनके द्वारा दिया गया है और उन्हें इस तरह की बातों से बचना चाहिए।

बिना प्लान के कैसे शुरू हुआ काम ?

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने इस बात पर कड़ी फटकार लगाई कि आखिर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले योजना क्या थी? यह सवाल उठाया गया कि जब कोई योजना ही तय नहीं थी तो चारों कोनों पर पिलर किस आधार पर खड़े कर दिए गए? कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई मानक योजना मौजूद थी तो निर्माण कार्य उसी पुरानी योजना के अनुसार ही किया जाना चाहिए था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com