क्या नागपुर के स्कूली वाहन हैं सुरक्षित? हजारों बच्चों की सुरक्षा दांव पर, महल अग्निकांड के बाद सवाल

Nagpur School Bus Fire Safety: महल अग्निकांड के बाद इमारतों की फायर सेफ्टी जांच शुरू हुई है, लेकिन स्कूली वाहनों की सुरक्षा और फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर अब भी कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया है।
Are school vehicles in Nagpur safe? Safety of thousands of children at stake; questions raised following the Mahal fire incident.
स्कूली वाहन सुरक्षा, फायर सेफ्टी, नागपुर महल अग्निकांड, (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Fire Department: नागपुर जिले के विगत दिनों में महल हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन हरकत में आया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों द्वारा इमारतों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि एक ओर इमारतों पर एक्शन लिया जा रहा है लेकिन दूसरी ओर स्कूली वाहनों की जांच का कोई भी अधिकारी टेंशन नहीं ले रहा। स्कूली वाहनों में हजारों मासूम जिंदगियां सफर करती हैं। ऐसे में यदि स्कूली वाहनों में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम न हों तो बड़ी अनहोनी हो सकती है।

इसे टालने के लिए प्रशासन को स्कूली वाहनों में भी फायर सेफ्टी की नियमित जांच पर ध्यान देना अनिवार्य है। ज्ञात हो कि गांधी गेट के पास कपड़े के शोरूम में आग लग गई थी। इस घटना के बाद नागपुर महानगरपालिका ने फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

एक्शन मोड में आए अग्निशमन विभाग समिति की सभापति रूपाली ठाकुर और मुख्य अग्निशमन अधिकारी तुषार बाराहाते ने ऐसी इमारतों का सर्वे कर उचित कार्रवाई करने की जानकारी पत्र-परिषद में दी थी। हालांकि दुर्घटना के बाद इमारतों पर गंभीरता बरती गई है लेकिन स्कूली वाहनों की जांच का कोई आधिकारिक आदेश नहीं दिया गया है।

ट्रैवल्स बसों पर भी गंभीरता नहीं

स्कूली वाहनों के साथ ट्रैवल्स बसों की भी फायर सेफ्टी जांच गंभीर विषय है। ज्ञात हो कि जुलाई 2023 में समृद्धि हाईवे पर ट्रैवल्स बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे ने कई जिंदगियां ली थीं, कुछ समय तक प्रशासन एक्शन मोड पर दिखा लेकिन फिर स्थिति ढाक के तीन पात वाली हो गई। लोगों ने मांग की है कि ट्रैवल्स बसों में भी फायर सेफ्टी की नियमित जांच कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

केवल हादसों के बाद होती है जांच

स्कूली वाहनों में फायर सेफ्टी के साथ वाहनों की फिटनेस जांच भी अति आवश्यक है। स्कूली वाहनों के हादसों के बाद फिटनेस जांच का मुद्दा गरमाया था। इस संबंध में प्रशासन एक्शन मोड पर था। कुछ समय बाद फिटनेस जांच भी ठंडे बस्ते में चली गई। ऐसे में यह चर्चा जोरों पर है कि केवल हादसों के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की नींद खुलती है।

हाल ही में हुई थी घटना

ज्ञात हो कि बीते रविवार को स्कूल वैन में आग लगने की घटना सामने आई थी। विगत 31 मई की शाम 6 बजे एकता कॉलोनी, कलमना रिंग रोड पर एक स्कूल वैन में अचानक आग लग गई थी। सूचना मिलने पर कलमना फायर स्टेशन की टीम ने मौके पर था। सौभाग्य से रविवार को छुट्टी होने के कारण वैन में कोई बच्चा नहीं था। इस घटना के बावजूद स्कूली वाहनों की फायर सेफ्टी जांच का मुद्दा नहीं उठाया गया।

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