

अभिनेता सयाजी शिंदे ने सह्याद्री पर्वत श्रृंखला और पर्यावरण संरक्षण की अपील की।
नागपुर से 'सेव सह्याद्री, नो PSP इन सह्याद्री' देशव्यापी अभियान शुरू किया गया।
सरकार से PSP का पर्यावरण अनुकूल विकल्प तलाशने की मांग की गई।
नागपुर के संविधान चौक पर 'थाली बजाओ' आंदोलन आयोजित किया गया।
Green Nagpur Protest Sayaji Shinde Environment Movement: नागपुर में सह्याद्री की चट्टानें, पर्वत श्रृंखलाएं और पर्यावरण आज विकास के नाम पर हो रहे विनाशकारी हस्तक्षेप के कारण गंभीर खतरे में है, इसलिए 'सेव सह्याद्री, सेव एनवायरनमेंट' महज पर्यावरण संरक्षण का अभियान नहीं बल्कि प्रकृति के संतुलन को बचाने के लिए एक जन-आंदोलन है।
विकास के नाम पर जब सह्याद्री की होली जलाई जा रही हो तब दिवाली मत मनाइए, यह भावुक अपील प्रसिद्ध अभिनेता सयाजी शिंदे ने सोमवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में की। 'सेव सह्याद्री, नो पीएसपी इन सह्याद्री' नामक इस देशव्यापी अभियान की शुरुआत भारत के केंद्र बिंदु नागपुर से की गई।
शिंदे ने चिंता जताते हुए कहा कि 1947 तक देश का 70 प्रतिशत जंगल संरक्षित था जो आज घटकर मात्र 16 से 18 प्रतिशत ही रह गया है। आज 'शेकरू' जैसी अनगिनत दुर्लभ प्रजातियां विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी हैं। इस अवसर पर अनसुया छाबरानी, आनंद रॉय और मनीष भावे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
अभिनेता सयाजी शिंदे ने सवाल उठाया कि विदर्भ ने कई दशकों तक कोयला खदानों और थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स के कारण भारी पर्यावरणीय कीमत चुकाई है। क्या अब सह्याद्री को भी इसी
विकास मॉडल की कीमत चुकाने पर मजबूर करना सही है। सरकार को पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (पीएसपी) का पर्यावरण अनुकूल वैकल्पिक समाधान खोजना चाहिए।
रायगढ़ जिले के कर्जत तालुका में सह्याद्री की गोद में प्रस्तावित 'पंप्ड स्टोरेज पावर प्रोजेक्ट' के लिए होने वाली बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के विरोध में 'ग्रीन नागपुर' संस्था द्वारा संविधान चौक पर 'सह्याद्री बचाओ, महाराष्ट्र बचाओ' अभियान के तहत 'थाली बजाओ' आंदोलन किया गया। इस आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी, नागपुर सिटीजंस फोरम, वाइल्ड एजाइल फाउंडेशन सहित विभिन्न पर्यावरण प्रेमी संगठनों ने अपना पूर्ण समर्थन दिया।