परिसीमन बिल पर सरकार का समर्थन करेगी शरद पवार की पार्टी? सुप्रिया ने दिए संकेत, NDA में जाने से किया इनकार

Maharashtra Politics News: परिसीमन बिल पर शरद पवार के समर्थन की खबरों को सुप्रिया सुले ने खारिज किया। कहा- कोई गुप्त डील नहीं हुई, बिल आने पर महाविकास आघाड़ी मिलकर फैसला करेगी।
Supriya Sule rejects rumors of Sharad Pawar supporting the Delimitation Bill, calling it speculative. Sanjay Raut clarifies opposition within MVA.
सुप्रिया सुले डिजाइन इमेज (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Delimitation Bill NCP Supriya Sule : परिसीमन बिल को राकांपा (एसपी) के मुखिया शरद पवार के समर्थन देने पर महाविकास आघाड़ी में तनातनी शुरू हो गई है। हालांकि पवार के बेटी व राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया है कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने पार्टी के शर्तों का हवाला देते हुए बताया कि उनकी पार्टी को परिसीमन विल को लेकर न तो कोई प्रस्ताव मिला है और न ही किसी तरह की कोई 'डील' हुई है।

जब बिल सदन में पेश होगा तब हम उसका विस्तार से अध्यन करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे, सुप्रिया ने कहा कि एक प्रतिष्ठित अखबार में एक खबर प्रकाशित हुई जिसके बाद कई मीडिया संस्थानों ने खबर चलानी शुरू कर दीं कि शरद पवार गुट केंद्र सरकार के संवैधानिक संशोधन वाले परिसीमन विधेयक का समर्थन करने की तैयारी कर रहा है।

यह पूरी खबर सूत्रों के आधार पर बनाई गई है। पार्टी ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं और महाविकास आघाड़ी के घटक दलों के बीच किसी तरह का भ्रम न फैले, इसलिए मैंने शरद पवार, जयंत पाटिल, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे, विधायकों और सांसदों से बात की।

इसके बाद मैं पार्टी की भूमिका स्पष्ट कर रही हूं। उन्होंने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, सतेज पाटिल और शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राऊत से भी बात कर उन्हें पार्टी की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया है। सुप्रिया ने भाजपा के साथ किसी भी तरह की गुप्त बातचीत की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी और सीएम फडणवीस के बीच हुई मुलाकातें राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं थीं।

संजय राऊत भी पड़े नरम

परिसीमन बिल पर पवार के समर्थन के मामले को लेकर ठाकरे सेना के सांसद संजय राऊत भी नरम पड़ गए हैं। उन्होंने कांग्रेस, डीएमके, ठाकरे सेना और पवार के समर्थन पर आई खबरों को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हम इस बिल का समर्थन नहीं करते। जयंत पाटिल, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल की सीएम फडणवीस की

बैठक पर राऊत ने कहा कि जहां तक मुझे पता चला है, जयंत पाटिल के अपने चुनाव क्षेत्र की महापौर को गैर-कानूनी तरीके से अपात्र किए जाने के मामले क लेकर सीएम से मिले थे। जनता का ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी और शिंदे गुट के लोग भ्रम फैला रहे हैं। अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि यह बिल संसद में आएगा या नहीं। जब बिल आएगा, तो हम सब बैठकर इस पर फैसला करेंगे। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल देश के सामने एक गंभीर मुद्दा है।

एनडीए में शामिल होने का कोई प्रस्ताव नहीं

सुप्रिया ने एनडीए गठबंधन में शामिल होने की चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि हमें एनडीए की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है और हम कहीं नहीं जा रहे है। हम वहीं हैं, जहां पहले थे। हम जनता के लिए काम कर रहे है। उन्होंने विधान भवन में शरद पवार और डीसीएम एकनाथ शिंदे की मुलाकात पर कहा कि पवार लंबी दूरी तक चल नहीं सकते, इसलिए वे वहां जाकर बैठ गए थे। यह एकनाथ शिंदे की शालीनता थी कि उन्होंने कैबिनेट बैठक छोड़कर उनका स्वागत किया और उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया।

मेरा नाश्ता योगी के साथ, लंच डिंपल यादव के घर

  • सीएम फडणवीस और जयंत पाटिल की मुलाकात पर सुप्रिया ने कहा कि बीते मंगलवार को मैंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ नाश्ता किया, जबकि लंच डिंपल यादव के घर पर था।
  • मेरी योगी के साथ बैठक 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर चर्चा के लिए थी। अखिलेश यादव और डिंपल यादव के साथ हमारे फैमिली रिलेशन है।
  • जयंत पाटिल ने इस्लामपुर-ईश्वरपुर महापौर को अपात्र करने के मामले में न्याय के लिए सीएम फडणवीस से मिलने का समय मांगा था।
  • सुनील तटकरे और प्रफुल पटेल की मौजूदगी के बारे में सीएम ही सही जानकारी दे सकते हैं।
  • जयत पाटिल सीएम आवास के मेन गेट के अंदर गए और वहीं से बाहर आए। इसमें कोई सीक्रेट या साजिश नहीं है।
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