RTMNU: PG एडमिशन की निकल जाएगी डेट? इंजीनियरिंग-MBA छात्रों की बढ़ी मुश्किलें, अगस्त तक खिंच सकते हैं रिजल्ट!

Engineering Management PG Entrance: RTMNU के परीक्षा परिणामों में देरी से इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट छात्रों का भविष्य खतरे में। PG प्रवेश से वंचित होने का डर, सीनेट सदस्यों ने की हस्तक्षेप की मांग।
RTMNU exam result delays threaten PG admissions for Engineering & Management students. Software issues & late schedules spark crisis.
नागपुर यूनिवर्सिटी (फाइल फोटो)
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Nagpur University PG Admission: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों में हो रही देरी के कारण शैक्षणिक सत्र 2025-26 पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इस वर्ष सबसे अधिक दिक्कतें इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर करने वाले छात्रों को आएंगी। विवि ने अब तक सम (इवन) सेमेस्टर का टाइम टेबल घोषित नहीं किया है। यदि मई में परीक्षा ली जाती है तो फिर परिणाम घोषित होने में जुलाई-अगस्त लग सकता है।

इस हालत में विविध विश्वविद्यालयों से स्नातकोत्तर करने वाले छात्रों पर प्रवेश से वंचित रहने की नौबत आ सकती है। पिछले दिनों विवि ने अपने शैक्षणिक सत्र को आगे बढ़ाने की घोषणा की थी। विवि का मानना है कि 11 नवंबर से सत्रारंभ हुआ था लेकिन इस दौरान नई साफ्टवेयर कंपनी की वजह से परीक्षाएं देरी से शुरू हुईं। नवंबर की बजाय जनवरी से परीक्षा शुरू होने से पूरा टाइम टेबल ही बिगड़ गया।

अब यदि इंजीनियरिंग सहित मैनेजमेंट की (सम सत्र) की परीक्षाएं अप्रैल-मई से ली जाती हैं तो फिर 45 दिनों के भीतर परिणाम घोषित करना होगा। यदि 45 दिनों के भीतर परिणाम नहीं आये तो जून-जुलाई में विविध विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर की प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने से छात्र वंचित रह जाएंगे।

विशेष टीम गठित करे विवि प्रशासन

इस गंभीर मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य एड. मनमोहन बाजपेयी ने उपकुलपति को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा है कि अभी तक शीतकालीन परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं हुए हैं, जबकि पूरक (सप्लीमेंट्री) परीक्षाएं भी लंबित हैं।

इसके बाद ग्रीष्मकालीन परीक्षाएं और उनके परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया भी बाकी है। ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत करना आरटीएम विश्वविद्यालय के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इस देरी का सबसे ज्यादा नुकसान अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को होगा क्योंकि उन्हें आगे की पढ़ाई में प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी होती है। समय पर निर्णय नहीं लिया गया तो हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

पत्र में सुझाव दिया गया है कि इस समस्या के समाधान के लिए अनुभवी प्राचार्यों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की एक विशेष टीम गठित की जाए। यह टीम युद्धस्तर पर काम करते हुए परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करे। उन्होंने यह भी कहा है कि केवल बाहरी सॉफ्टवेयर कंपनी पर निर्भर रहने से समस्याएं और बढ़ सकती हैं।

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