नागपुर में फर्जी CBI अधिकारी बनकर युवक से 2.32 करोड़ की ठगी, राजस्थान से 1 आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

नागपुर में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर एक युवक से 2.32 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच यूनिट 2 ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान राजस्थान निवासी सुमेर सिंह जगमल सिंह (45) के रूप में हुई है।
Rs 2.32 crores defrauded in Nagpur by posing as fake CBI officer, one person arrested
प्रतीकात्मक तस्वीर
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नागपुर: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर एक युवक से ठगी करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि तीन आरोपियों ने कार्रवाई का डर दिखाकर युवक से 2.32 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। ठगी का पता चलने पर युवक ने साइबर पुलिस से शिकायत की।

जांच के दौरान क्राइम ब्रांच यूनिट 2 ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान राजस्थान निवासी सुमेर सिंह जगमल सिंह (45) के रूप में हुई है। वहीं, फरार आरोपियों जयपुर निवासी प्रकाश मेघनानी और जोधपुर के दलपत सिंह धसिंह (22) की पुलिस तलाश कर रही है।

मानव अंग की तस्करी का लगाया आरोप

लक्ष्मीनगर, वेस्ट हाई कोर्ट रोड निवासी आशय अविनाश पल्लीवार (24) अमेजन कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत है। गत 21 अप्रैल को पीड़ित के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया। आरोपी ने पल्लीवार पर महिलाओं के अंगों को विदेश भेजने के संबंध में कार्रवाई किए जाने की बात कही। पीड़ित को स्काईप एप के माध्यम से 24 घंटों के लिए वीडियो शुरू रखने पर जोर दिया। इसके बाद कार्रवाई पूर्ण होने तक घर में रखे सभी गहने, नगदी और बैंक खाते में जमा रकम सीबाईआई को सुपुर्द करने अन्यथा सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी।

होटल में बुलाकर दिखाए फर्जी कागजात

गहने और पैसों को जमा करने का दबाव डालने के बाद आरोपी सुमेर सिंह, प्रकाश और दलपत सिंह नागपुर पहुंचे। पीड़ित को बारी-बारी से होटल कन्हैया और होटल रेणुका इन में बुलाया। इसके बाद सीबीआई अधिकारी होने के फर्जी कागजात दिखाए। दस्तावेज देखने के बाद पीड़ित को आरोपियों के सीबीआई अधिकारी होने का विश्वास हो गया। पल्लीवार ने 1800 ग्राम सोने के गहने, 1 किलो चांदी और 67,00,000 रुपये कैश और बैंक खाते के माध्यम से 57,29,852 रुपये आरोपियों को दे दिए। कुछ समय बाद पीड़ित को धोखाधड़ी का पता चला। तब पल्लीवार ने साइबर सेल से शिकायत की। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।

मुंबई से पकड़ा गया सुमेर सिंह

पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट 2 भी इस मामले की जांच में जुट गई। क्राइम ब्रांच को तकनीकी मदद और आरोपियों द्वारा पेश किए गए फर्जी दस्तावेजों की सहायता से सुमेर सिंह का पता चला। उसकी लोकेशन मुंबई में ट्रैक हुई। पुलिस की एक टीम तुरंत मुंबई रवाना हुई और आरोपी सुमेर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपने साथीदारों प्रकाश और दलपत सिंह के साथ मिलकर गुनाह करना कबूला।

आरोपी के 24 बैंक खाते फ्रीज

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सुमेर सिंह के कुल 24 बैंक खाते फ्रीज कर दिए। फरार आरोपी प्रकाश और दलपत सिंह की तलाश जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पीआई शुभांगी देशमुख, एपीआई गजानन चांभारे, संदीप चंगोले, दिनेश डवरे, शैलेष जांभुलकर, गजानन कुबडे, सुरेश तेलेवार, कमलेश गणेर, सुनील कुवर और संदीप पांडे ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

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