नागपुर का रामझूला हिट एंड रन मामला एक बार फिर चर्चा में, रितु मालू समेत 3 पर आरोप तय, सबूत मिटाने का आरोप

Nagpur Ramjhula Hit-And-Run Case: नागपुर का रामझूला हिट एंड रन मामले में बड़ा फैसला सामने आया हैं। मामले के तीनों आरोपी रितु मालू उसके पति और सहेली पर आरोप तय किए गए हैं।
Ritika Malu Ramjhula Hit-And-Run Case
मृतक और रितु मालूsocial media
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Ritika Malu Ramjhula Hit-And-Run Case: नागपुर का चर्चित रामझूला हिट एंड रन प्रकरण में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रह्मानंद एम. धानुरे की अदालत ने आरोपी रितिका उर्फ रितु दिनेश मालू, उनके पति दिनेश मालू और सहेली माधुरी शिशिर सारडा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आरोप तय करने का आदेश दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोप तय करने के चरण में केवल यह देखना होता है कि आरोपियों के खिलाफ अपराध किए जाने का प्रथमदृष्टया आधार मौजूद है या नहीं। हादसा महज दुर्घटना था या जानबूझकर की गई लापरवाही का परिणाम, इसका अंतिम निर्णय मुकदमे की सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।

घटना के वक्त रितु मालू शराब के नशे में थी

सरकारी अधिवक्ता रश्मि खापर्डे ने अदालत में अभियोजन का पक्ष रखते हुए कहा कि घटना के समय रितु के साथ माधुरी भी कार में मौजूद थी। अभियोजन के मुताबिक, रितु ने शराब का सेवन किया था और नशे की हालत में वाहन को तेज गति, लापरवाही और खतरनाक तरीके से चलाया। आरोप है कि उसे इस बात का अंदाजा था कि इस तरह वाहन चलाने से दुर्घटना होने पर किसी व्यक्ति की मौत या गंभीर चोट हो सकती है।

हादसे के बाद भी पुलिस को नहीं दी सूचना

अभियोजन ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद दिनेश मालू मौके पर पहुंचा। उसने पुलिस को घटना की सूचना देने या घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के बजाय रितु मालू और माधुरी को वहां से चले जाने दिया।

नागपुर पुलिस के अनुसार, घटना के बाद दुर्घटनाग्रस्त कार को साफ किया गया। अभियोजन ने आरोप लगाया कि तीनों ने घटना से जुड़े साक्ष्यों को नष्ट करने के उद्देश्य से वाहन की सफाई की, ताकि महत्वपूर्ण सबूत मिटाए जा सकें।

अभियोजन ने अदालत में कहा कि दुर्घटना के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और पुलिस को हादसे की जानकारी देना आरोपियों का दायित्व था। इन परिस्थितियों को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ प्रथमदृष्टया मामला बनता है।

हिट एंड रन प्रकरण में आरोपी हैं निर्दोष?

वहीं, बचाव पक्ष ने सभी आरोपियों को निर्दोष बताते हुए आरोपों का विरोध किया। उनका कहना था कि मीडिया और लोगों के दबाव के कारण उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने घटना को महज दुर्घटना बताते हुए आरोपियों पर लगाए गए मानववध संबंधी आरोपों को खारिज करने की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।

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