नागपुर रेलवे स्टेशन पार्किंग में खुली लूट! रसीद वापस लेकर गायब किए जा रहे सबूत, अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश

Nagpur Railway Station Parking Scam: नागपुर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में बिना बिल दिए पैसे वसूलने और एग्जिट पर रसीद छीनने का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
Nagpur Station Parking Receipt Fraud
नागपुर रेलवे स्टेशन की पार्किंग सोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • नागपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में ड्रॉप एंड गो और पार्किंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

  • वाहन चालकों का आरोप है कि प्रवेश पर दी गई समय दर्ज रसीद निकास के समय वापस ले ली जाती है।

  • नकद भुगतान के बाद अंतिम रसीद नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आई है।

Nagpur Station Parking Receipt Fraud: पीएम नरेंद्र मोदी चाहे जितना जोर लगा लें देश के स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास बनाकर पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने का, लेकिन रेल उपभोक्ताओं के साथ छल कभी बंद नहीं होने वाला।

इसका जीता जागता उदाहरण इन दिनों नागपुर स्टेशन के पूर्वी और पश्चिमी, दोनों और जारी 'ड्राप एंड गो और पार्किंग' व्यवस्था को लेकर सामने आ रहा है।

रेल सेवा उपभोक्ता बनकर परिसर में आ रहे वाहन चालकों को प्रवेश के समय टाइमिंग दर्ज वाली रसीद दी जाती है लेकिन एग्जिट पॉइंट पर इसे वापस ले लिया जाता है और भुगतान के बाद अंतिम रसीद भी नहीं दी जा रही है। यह धारा 2(11) और 2(47) का खुला उल्लंघन है।

चोरी तो चोरी, ऊपर से सीनाजोरी

हैरानी की बात है कि खुलेआम उपभोक्ता कानून का उल्लंघन कर रहे पार्किंग कर्मी अपनी रसीद वापस मांगने पर बहस करने से भी नहीं चूकते। पहले तो वाहन चालक से रसीद वापस लेकर खुद ही कानून का उल्लंघन कर रहे होते हैं।

यदि कोई जागरूक वाहन चालक अपने अधिकार की बात करके रसीद वापस मांगें तो पार्किंग कर्मी उसे इतनी बातें सुना देता है कि वह वहां से आगे बढ़ना ही बेहतर समझता है। ऐसा लगता है कि जैसे पार्किंग कर्मी को विशेष ट्रेनिंग दी गई है।

इसमें कोई दोराय नहीं कि ड्राप एंड गो और अंडरग्राउंड पार्किंग की इस नई सुविधा से पश्चिमी भाग में इमारत के सामने का हिस्सा पहले की तुलना में कहीं अधिक खुला और वाहनों के जमावड़े से मुक्त नजर आ रहा है क्योंकि ड्राप एंड गो के तहत 50 रुपये बचाने के लिए लोग 12 मिनट के भीतर वाहन को परिसर से बाहर ले जाने का प्रयास करते हैं लेकिन एग्जिट बूथ से लगा करीब 10 इंच ऊंचा स्पीड ब्रेकर उनकी मंशा पर पानी फेर देता है। दिल पर पत्थर रख उन्हें भुगतान करना ही पड़ता है।

आदेश का पालन न करने पर

  • अधिनियम की धारा 72 के तहत कारावास कम से कम 1 महीने से लेकर 3 वर्ष तक।

  • जुर्माना कम से कम ₹25,000 से लेकर ₹1,00,000 रुपये तक।

  • दोनों: आयोग स्थिति के अनुसार जेल और जुर्माना दोनों एक साथ भी लगा सकता है।

  • विशेष शक्ति उपभोक्ता आयोग के पास आदेश लागू कराने के लिए प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की शक्तियां होती हैं जिसके तहत वह आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर सकता है।

  • भारतीय न्याय संहिता- धोखाधड़ी और जबरन वसूली रसीद वापस लेना एक सुनियोजित तरीके से सबूत मिटाने और टैक्स्, राजस्व चोरी करने का प्रयास है।

  • धारा 318 (धोखाधड़ी) गलत नीयत से पैसे लेकर सबूत छिपाना।

  • धारा 351/115 (धमकी या बल प्रयोग) रसीद दिखाने पर अभद्रता करना या जबरन हाथ से पीं खीचना,

  • सजा कोर्ट के माध्यम से ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा ठेकेदार या उसके कर्मचारियों पर आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है जिसमें आर्थिक दंड और जेल का प्रावधान भी हो सकता है।

Nagpur Station Parking Receipt Fraud
नागपुर मनपा की लापरवाही पर राज्य सूचना आयोग सख्त, 68 परिवारों के नक्शे के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम

अंतिम रसीद देना अनिवार्य: वरिष्ठ DCM

मध्य रेल नागपुर मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक अमन मित्तल ने कहा कि एग्जिट पॉइंट पर भुगतान फास्ट टैग से होगा, नगदी भुगतान पर वाहन चालक को अंतिम रसीद देना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो इसकी जांच की जायेगी।

ये कैसा 'नो बिल-नो पेमेंट'

रेल मंत्री अश्विनी कुमार द्वारा 'नी बिल नो पेमेंट की नीति शुरू की गई है। लंबे समय से भारतीय रेलवे को इस प्रकार की नीति की जरूरत थी, ताकि रेल उपभोक्ताओं के मन में पारदर्शिता का भाव आये, इस नीति को पूरे देश में गंभीरता से लागू किया गया है।

स्टेशनों पर लगे फूड़ या वाटर स्टाल के अलावा ट्रेनों में भी बेचे जाने वाले भोजन व पेय आदि समेत अन्य सभी पदार्थों के लिए वे नियम अनिवार्य कर दिया गया है। यदि यात्री खरीदी हुई चीज का बिल मागे तो ठेकेदार को बिल उपलब्ध कराना होगा। हालांकि नागपुर स्टेशन परिसर में बनी पार्किंग के विषय में इसका पालन नहीं हो रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com