12 मिनट के 50 व 2 घंटे के बाद 1,000 जुर्माना; नागपुर स्टेशन पर रेलवे की बिना तैयारी वाली वसूली से यात्री बेहाल

Nagpur Railway Station: नागपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी हिस्से में FASTag आधारित ड्रॉप एंड गो व्यवस्था लागू हो गई है। शुरुआती दिनों में नई व्यवस्था से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Fine of ₹50 after 12 minutes and ₹1,000 after 2 hours; passengers distressed by Railways' ill-prepared enforcement at Nagpur station.
नागपुर, रेलवे स्टेशन, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Railway Station Drop and Go: वर्ल्ड क्लास स्टेशन की ओर बढ़ रहे नागपुर स्टेशन पर भविष्य की व्यवस्था का एक नजारा दिखाई देने लगा है। यहां पश्चिमी भाग में वाहनों के लिए ड्रॉप एंड गो व्यवस्था के तहत फास्टैग सिस्टम लागू कर दिया गया है। 27 जून की रात 12 बजे यानी 28 जून से शुरू हुई यह व्यवस्था शुरुआती 3 दिनों में ही हजारों यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।

जल्द ही पूर्वी भाग में भी इसे लागू किया जाएगा। इसके बाद कार चालकों के लिए ड्रॉप एंड गो (12 मिनट के लिए 50 रुपये) और पार्किंग शुल्क (एक घंटे के लिए 50 रुपये, 2 घंटे के लिए 100 रुपये) सीधे फास्टैग से कटेगा, जबकि 2 घंटे से अधिक समय तक वाहन पार्क करने पर 1,000 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा, रेलवे इसे स्टेशन परिसर में भीड़ कम करने का प्रयास बता रहा है लेकिन बिना तैयारी के लागू यह व्यवस्था आम यात्रियों पर भारी पड़ रही है।

एयरपोर्ट से भी ऊंची सख्ती स्टेशन पर

स्टेशन पर लागू यह व्यवस्था कई मायनों में एयरपोर्ट से भी अधिक सख्त नजर आ रही है। एयरपोर्ट पर पिक एंड गो के लिए कम से कम 6 मिनट का नियम है और वहां 4 या उससे अधिक चौड़ी लेन उपलब्ध रहती हैं जहां यात्री आसानी से सामान उतार सकते हैं। इसके विपरीत नागपुर स्टेशन पर केवल एक ही लेन है, जबकि यहां आने वाले यात्रियों और वाहनों की संख्या एयरपोर्ट से कई गुना अधिक है। ऐसे में 12 मिनट की समय सीमा कितनी कारगर होगी, इस पर सवाल उठ रहे हैं।

ऑटो, टैक्सी को एंट्री ही नहीं

नई व्यवस्था के कारण ऑटोरिक्शा, टैक्सी और दोपहिया वाहनों को स्टेशन परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इससे बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

पिछले 3 दिनों से कैब और ऑटोरिक्शा से आने वाले यात्रियों को टेकड़ी रोड पर ही उतारा जा रहा है या उनसे पार्किंग शुल्क मांगा जा रहा है। शुल्क नहीं देने पर कैब चालक टेकड़ी रोड पर यात्रियों को छोड़कर जा रहे हैं। इससे यात्रियों को अपना सामान ढोकर स्टेशन तक पहुंचना पड़ रहा है। विशेष रूप से बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों समेत दिव्यांगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कैब अंदर आ सकती है: सीनि. डीसीएम

नागपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मित्तल ने कहा कि पश्चिमी भाग के सर्कुलेटिंग एरिया को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने, ट्रैफिक व्यवस्थित करने और भीड़ कम करने के लिए एक्सेस कंट्रोल्ड पिक-अप और ड्रॉप सेवा शुरू की गई है।

पार्किंग लॉट और पिक-अप क्षेत्र अलग-अलग है। तथा कोई दोहरी फीस नहीं ली जा रही है। उनके अनुसार, ऑटो यूनियन से विवाद के कारण पहले कैब स्टेशन के भीतर नहीं आ रही थी लेकिन अब उन्हें अंदर आने की अनुमति दे दी गई है।

न कोई सर्वे, न ही कोई रिसर्च

उल्लेखनीय है कि स्टेशन परिसर की ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी लोहमार्ग पुलिस की है, जबकि रेलवे सुरक्षा बल को यातायात में बाधा बनने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने का अधिकार है।

संबंधित अधिकारियों का कहना है कि मंडल प्रबंधन ने उनसे कोई रिपोर्ट नहीं मांगी और सीधे फास्टैग सिस्टम लागू कर दिया। कितने यात्री कार, कैब, ऑटो या दोपहिया वाहन से स्टेशन पहुंचते हैं। इसका कोई आंकड़ा जुटाए बिना ही व्यवस्था लागू कर दी गई जिसके कारण अब अधिकारियों का अधिकांश समय यात्रियों के विवाद सुलझाने में बीत रहा है।

ये सिस्टम कब से, किसी को पता नहीं...

रेलवे ने इस व्यवस्था को लागू करने से पहले यात्रियों को कोई सार्वजनिक जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई। नागपुर स्टेशन के पूर्वी भाग में ड्रॉप एड गो व्यवस्था हो या पश्चिमी भाग में फास्टैग सिस्टम, इस संबंध में मध्य रेल नागपुर मंडल की ओर से कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की नतीजतन, दोपहिया वाहन, कैब और ऑटोरिक्शा से आने वाले यात्रियों को अचानक नई गई। ऑटो, टैक्सी, बस और मिनी बस को प्रवेश की अनुमति नहीं है। व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। प्रवेश द्वार पर लगे बोर्ड पर स्पष्ट लिखा है कि दोपहिया वाहन।

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