छत्रपति संभाजीनगर मनपा: 1279 करोड़ के टैक्स बकाये पर हंगामा, 15-20 दिन में पानी मिलने तक जल कर वसूली पर रोक

Chhatrapati Sambhajinagar AMC: छत्रपति संभाजीनगर मनपा की स्थायी समिति ने शहर में जारी जल संकट को देखते हुए पेयजल कर की वसूली पर तुरंत रोक लगा दी है वहीं 1279 करोड़ की बकाया वसूली पर अधिकारियों को घेरा
Chhatrapati Sambhajinagar AMC has halted water tax collection due to severe supply delays, while slamming officials over pending property tax dues worth 1,279 crore.
छत्रपति संभाजीनगर मनपा जल संकट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Water Crisis News: छत्रपति संभाजीनगर शहर में गंभीर जल संकट के बीच नागरिकों से पेयजल कर वसूलने के मुद्दे पर सोमवार को महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक में जोरदार बहस हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जब शहर वासियों को 15 से 20 दिन के अंतराल पर पानी मिल रहा है। तब नागरिकों से पेयजल कर की वसूली करना अन्यायपूर्ण है। स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि संपत्ति कर की वसूली के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए। लेकिन पेयजल कर की वसूली तत्काल प्रभाव से रोकी जाए। नई जलापूर्ति योजना शुरू होने और नियमित जल वितरण होने के बाद ही

नागरिकों से पेयजल कर वसूला जाए। करीब पांच घंटे तक चली इस बैठक में करोड़ों रुपए की बकाया वसूली, गलत कर निर्धारण, अवैध निर्माण, मोबाइल टावर, होर्डिंग्स और सरकारी संस्थानों से कर वसूली में लापरवाही जैसे मुद्दों पर सदस्यों ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर सवालों की बौछार की। बैठक में सबसे अधिक नाराजगी महानगरपालिका की बकाया कर वसूली को लेकर दिखाई दी।

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि महानगरपालिका पर 1279 करोड़ रुपए की भारी बकाया राशि लंबित है। लेकिन अब तक केवल 35 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई है। इसको लेकर बंचित के नगरसेवक अमित भुईगल ने प्रशासन को घेरा। संपत्ति कर वसूली को लेकर चली लंबी बहस में नगरसेवक राज वानखेडे, एड माधुरी अदवंत, अलमास खान, अजहर पटेल, शेख मतीन हिस्सा लेते हुए कहा कि करोड़ों रुपये संपत्ति कर बकाया होने के बावजूद प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है।

शैक्षणिक संस्थानों के बकाया राशि की मांगी जानकारी

बैठक की शुरुआत होते ही जनप्रतिनिधियों ने संपत्ति कर विभाग से शहर की कुल कर मांग, पिछले तीन वर्षों की वसूली, कर जमा करने वाले नागरिकों की संख्या, बकायेदारों का वर्गीकरण, मोबाइल टावर, विज्ञापन होर्डिंग और शैक्षणिक संस्थानों की बकाया राशि की विस्तृत जानकारी मांगी। सदस्यों ने यह भी पूछा कि शहर में कितनी ऐसी संपत्तियां हैं जिन पर अब तक कर नहीं लगाया गया है। वर्षों से लंबित बकाया की वसूली क्यों नहीं की गई तथा बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है। बैठक में कई सदस्यों ने आरोप लगाया कि जो नागरिक नियमित रूप से कर जमा करते हैं।

कर निर्धारण में गड़बड़ी कर्मियों पर हो कार्रवाई

बैठक में गलत तरीके से संपतियों की माप कर अधिक कर लगाने के मामलों को भी गंभीरता से उठाया गया, सदस्यों ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी ने भ्रष्टाचार या दबाव में आकर गलत कर निर्धारण किया है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कर निर्धारण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए, ताकि नागरिकों के साथ अन्याय न हो। कई नगरसेवकों ने कर विभाग में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा संपत्ति धारकों से सालों से बकाया कर लगाने का डर दिखाकर लाखों रुपए ऐंठने का आरोप लगाया। बैठक में शहर के मोबाइल टॉवर, अधिकृत और अवैध होर्डिंग्स। शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी कार्यालयों से कर वसूली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सदस्यों ने कहा कि बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से महानगरपालिका को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

झुग्गी बस्तियों के लिए अलग नीति बनाने की जरूरत

बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि झुग्गी बस्तियों के नागरिकों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके लिए अलग नीति बनाई जानी चाहिए। सदस्यों ने कहा कि गरीब नागरिकों पर अनावश्यक दबाव बनाना उचित नहीं है। बैठक में संपत्ति कर विभाग की ओर से प्रस्तुतीकरण किया गया। अधिकारियों ने दोहरी कर वसूली। रिकॉर्ड में दर्ज संपत्तियां सर्वेक्षण प्रक्रिया, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी कार्यालयों की बकाया राशि तथा कर वसूली की प्रक्रिया की जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि शहर में संपत्तियों का सर्वेक्षण आधुनिक तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है। ताकि कर निर्धारण अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके नगरसेवकों के सारे प्रश्नों पर जवाब देते हुए उपायुक्त विकास नवाले ने स्पष्ट किया कि वसूली के लिए मैन पावर की काफी कमी है।

नागरिकों के साथ अन्याय नहीं होगा स्वीकार

बैठक के अंत में सभापति अनिल मकरिये ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि संपत्ति कर वसूली के लिए तुरंत प्रभावी कार्रवाई शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि संपतियों का सर्वेक्षण, सरकारी संस्थानों से वसूली, दैनिक वसूली बढ़ाने, क्षेत्रीय कार्यालयों में कर्मचारियों की नियुक्त्ति तथा तकनीकी व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभापति मकरिए ने स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधियों का पूरा सहयोग प्रशासन को मिलेगा। लेकिन नागरिकों के साथ अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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