

PRISM Police Complaint On Fake OYO Hotels In Nagpur: अगर आप भी ओयो (OYO) का लोगो या नाम देखकर नागपुर में कोई होटल बुक कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। नागपुर शहर में कई ऐसे होटल चल रहे थे जो ओयो के ब्रांड नेम और लोगो का इस्तेमाल बिना किसी अनुमति के कर रहे थे। ओयो की कॉर्पोरेट पैरेंट कंपनी प्रिज़्म (PRISM) ने नागपुर में ओयो के नाम और ट्रेडमार्क का बिना अनुमति इस्तेमाल करने वाले 14 होटलों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस ने 14 होटलों और उनके मालिकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के मुताबिक, इन 14 होटलों ने ओयो के नाम, लोगो, डिजाइन और अन्य ब्रांड एसेट्स का गलत इस्तेमाल किया। इसका सीधा मकसद ग्राहकों को यह अहसास कराना था कि ये होटल ओयो नेटवर्क का हिस्सा हैं। इनमें से कई होटल ऐसे हैं जिनका ओयो के साथ कभी कोई बिजनेस रिलेशन ही नहीं रहा, जबकि कुछ का एग्रीमेंट काफी समय पहले समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद ये धड़ल्ले से ओयो की ब्रांडिंग चला रहे थे।
नागपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और ट्रेड मार्क्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। नामजद होटलों और उनके मालिकों की सूची इस प्रकार है।
आनंद इन (हुडकेश्वर) - खुशाल विठ्ठलराव वाडेकर
स्पॉट ऑन फकता तू आणि मी (हुडकेश्वर) - चेतन मोतीराम चारदे
एसके हरी (हुडकेश्वर) - प्रज्वल हरिचंद्र कांबले
एवाई इम्पीरियल / ओयो एयरपोर्ट इम्पीरियल (सोनेगांव) - अनिकेत प्रेमदास कुटरमारे
ओयो के2 (वाड़ी) - पवन खोब्रागड़े
चंद्रा इन (एमआईडीसी) - सोनू मंडल
फ्लैगशिप द वे होटल (सीताबर्डी) - सौरभ शादर यादव
कॉसरोड रूम्स (इमामवाड़ा) - ऋषभ शरद नंदवंशी
ओ किंग्स इन (बेलतरोड़ी) - मिथिलेश सोंटक्के
हाईवे इन (ओल्ड कामठी) - अक्षय वाघमारे
कॉन्टिनेंटल इन (यशोधरा नगर) - यश चाहंडे
गैलेक्सी स्टे इन (पांचपावली) - ऋषिराज चौकसे
यह कार्रवाई 21 सितंबर 2026 को ओयो की ओर से नागपुर के पुलिस कमिश्नर विश्वास नागरे पाटिल को दी गई शिकायत के बाद हुई है। शिकायत में कहा गया है कि कुछ होटल ऐसे हैं, जिनका ओयो के साथ कभी व्यावसायिक संबंध नहीं रहा, जबकि कुछ होटलों के साथ ओयो का समझौता काफी समय पहले ही खत्म हो चुका है। इसके बावजूद इन होटलों पर ओयो की ब्रांडिंग का इस्तेमाल जारी रहने की बात सामने आई।
प्रिज़्म पार्टनर होटलों और स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर गेस्ट वेरिफिकेशन, निगरानी, घटना की रिपोर्टिंग और समय पर कार्रवाई से जुड़े सिस्टम को मजबूत करने पर काम कर रही है। साथ ही, जहां उसके ब्रांड से जुड़ी प्रॉपर्टीज में लागू कानूनों या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली गतिविधियां सामने आती हैं, वहां जरूरी कार्रवाई की जाती है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रिज़्म के रीजनल हेड राजीव डोगरा ने कहा कि हमने मेहमानों और अपनी स्थानीय टीम के सदस्यों से मिली प्रतिक्रिया के बाद एफआईआर दर्ज कराई। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि हमारे ब्रांड के बिना अनुमति इस्तेमाल के मामलों पर कार्रवाई करना और मेहमानों को किसी भी तरह की गलत जानकारी से बचाना जरूरी है। नागपुर पुलिस के साथ हमारा लगातार सहयोग सुरक्षित और जिम्मेदार हॉस्पिटैलिटी माहौल बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
राजीव डोगरा ने कहा कि हम सुरक्षा से जुड़े अपने तरीकों को बेहतर बनाने, संभावित जोखिमों पर नजर रखने और जहां भी हमारे ब्रांड या हॉस्पिटैलिटी नेटवर्क का गलत इस्तेमाल होता है, वहाँ जरूरी कार्रवाई करने के लिए आगे भी काम करते रहेंगे।
प्रिज़्म अपने ऑपरेशन्स में टेक्नोलॉजी और ऑपरेशनल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर फर्जी चेक-इन, संदिग्ध गतिविधियों, ह्यूमन ट्रैफिकिंग और प्रॉस्टिट्यूशन जैसी अवैध गतिविधियों को रोकने का प्रयास कर रही है। इससे पहले अगस्त 2025 में भी ओयो ने नागपुर पुलिस के 'ऑपरेशन शक्ति' में हिस्सा लिया था, जहां 50 से अधिक होटल मालिकों को गेस्ट वेरिफिकेशन और सीसीटीवी निगरानी जैसे कड़े सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे।