

Pregnant Woman Death Protest: नागपुर शहर में म्हालगीनगर चौक स्थित सुखकर्ता अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती गर्भवती महिला प्रियंका मनीष पोटदुखे और उनके गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में सोमवार को संतप्त परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने तीव्र आंदोलन किया। रविवार को हुई इस घटना के बाद सोमवार को बीड़ीपेठ क्षेत्र के सैकड़ों लोग अस्पताल के बाहर जमा हो गए जिससे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया। आंदोलकारियों ने संबंधित डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए अस्पताल का घेराव किया।
मृतका प्रियंका पोटदुखे बीड़ीपेठ की रहने वाली थी। रविवार को ही परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए अपना गुस्सा जताया था। सोमवार को यह आक्रोश और बढ़ गया। रिश्तेदारों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ अस्पताल में जमा हो गई।
प्रदर्शन उग्र होता देख अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अपने सभी प्रवेश द्वार अंदर से बंद कर लिए जिससे कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। नागरिकों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण यह दुखद घटना घटी है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
आंदोलनकारियों ने गर्भवती महिला प्रियंका पोटदुखे और उनके गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में संबंधित डॉक्टर, अस्पताल प्रशासन और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों पर गैर इरादतन हत्या सहित प्रासंगिक धाराओं के तहत कड़े मामले दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने की भी मांग की गई है। इसके अलावा मृतका के परिवार को न्याय और आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा तत्काल 50 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा किए जाने की पुरजोर मांग आंदोलनकारियों ने की है।
मेडिकल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब 2 बजे परिजन शव लेकर सुखकर्ता अस्पताल पहुंचे।
अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाते समय नागरिक फिर से अस्पताल के सामने एकत्र हो गए और शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसके चलते रिंग रोड पर भारी जाम लग गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना मिलते ही हुडकेश्वर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर भीड़ को शांत कराया जिसके बाद नागरिक अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए
सार्वजनिक सड़क जाम कर यातायात बाधित करने के मामले में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।