नागपुर कांग्रेस के नए अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे पाटिल की पहली परीक्षा, विधान परिषद चुनाव को लेकर रणनीति तैयार

MLC Election Nagpur: नागपुर कांग्रेस के नए अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे पाटिल के सामने विधान परिषद चुनाव की पहली बड़ी चुनौती है। वहीं ग्रामीण जिला अध्यक्ष पद पर सस्पेंस अब भी बरकरार है।
New Nagpur Congress chief Praful Gudadhe faces his first political test in the MLC polls, while suspense continues over the rural district president post.
विधान परिषद चुनाव अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे पाटिल (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Nagpur MLC Election Congress Praful Gudadhe Patil: विधान परिषद के नागपुर जिला स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव कांग्रेस के नवनियुक्त शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे पाटिल की पहली राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। इस बीच, हरियाणा का प्रभार छोड़ने के बाद वे एक सप्ताह के भीतर सभी स्थानीय नेताओं से चर्चा कर पदभार ग्रहण करेंगे।

हरियाणा में प्रभारी के रूप में काम करने, तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ने तथा हाल ही में केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्नीथला के गृह जिले अलेप्पी की जिम्मेदारी संभालने के कारण शहर अध्यक्ष पद के लिए गुडधे का पलड़ा भारी रहा।

खास बात यह रही कि उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए आवेदन भी नहीं किया था, फिर भी उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके संकेत एक सप्ताह पहले ही मिल गए थे। उनकी औपचारिक घोषणा से पहले ही विधान परिषद चुनाव की घोषणा हो गई। स्थानीय निकायों में संख्या बल के आधार पर कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती रहने वाली है। ऐसे में मतदाताओं को एकजुट बनाए रखने की जिम्मेदारी गुडधे पर होगी।

ग्रामीण अध्यक्ष पद पर सस्पेंस

शहर अध्यक्ष के साथ-साथ जिला अध्यक्ष पद के लिए भी इच्छुक उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए गए तथा पदाधिकारियों और अन्य घटकों की राय जानी गई। पार्टी ने जहां प्रफुल्ल गुडधे के नाम की घोषणा कर दी, वहीं ग्रामीण जिला अध्यक्ष पद का विवाद अब तक सुलझ नहीं पाया है। सुनील केदार गुट चाहता है कि अध्यक्ष पद उनके पास ही बना रहे, जबकि अन्य गुट अब भी अध्यक्ष बदलने के प्रयास में लगे हैं। बाबा आष्टनकर, राजेंद्र मूलक और सुरेश भोयर के नाम प्रमुख दावेदारों में बताए जा रहे हैं।

वैचारिक लड़ाई लड़ेंगे

'नवभारत' से चर्चा के दौरान गुडघे ने कहा कि नागपुर शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे और अन्य नेताओं से चर्चा के बाद पदभार ग्रहण करने की तारीख तय की जाएगी। इससे पहले वे हरियाणा दौरे पर जाएंगे। उन्होंने कहा कि काग्रेस के लिए नागपुर अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है और पार्टी की मजबूत नींव आज भी कायम है। हालांकि भाजपा की 'भ्रम फैलाने वाली राजनीति' के कारण कांग्रेस बैकफुट पर गई है लेकिन पार्टी का जनाधार अभी भी मजबूत है। लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में मिले मतदान से यह स्पष्ट होता है।

उन्होंने कहा कि जनता यानी कांग्रेस, सभी घटकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे और सबको साथ लेकर वैचारिक लड़ाई लड़ेंगे। विधान परिषद चुनाव के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का संसदीय मंडल जो निर्णय लेगा, उसी के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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