साधारण शुरुआत, वैश्विक पहचान…रक्षा आत्मनिर्भरता में योगदान, नागपुर के सत्यनारायण नुवाल को पद्मश्री सम्मान

Nagpur Solar Industries Founder: नागपुर के उद्योगपति सत्यनारायण नुवाल को औद्योगिक विकास व रक्षा आत्मनिर्भरता में योगदान के लिए पद्मश्री मिला। सोलर इंडस्ट्रीज आज 65 से अधिक देशों में कारोबार कर रही है।
Humble Beginnings, Global Recognition… Contributing to Defense Self-Reliance: Nagpur’s Satyanarayan Nuwal Conferred with the Padma Shri Award.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करते सत्यनारायण नुवाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Padma Shri Satyanarayan Nuwal: नागपुर सत्यनारायण नंदलाल नुवाल अत्यंत प्रतिष्ठित और दूरदर्शी उद्योगपति हैं जिन्हें देश के औद्योगिक विकास और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए उनके असाधारण योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वे औद्योगिक विस्फोटकों और उच्च ऊर्जा सामग्री के निर्माण और निर्यात क्षेत्र में दुनियाभर में अपनी धाक जमाने वाले 'सोलर इंडस्ट्रीज ग्रुप' के संस्थापक और अध्यक्ष हैं।

नागपुर से शुरू हुआ उनका यह सफर आज वैधिक पटल पर भारत का गौरव बढ़ा रहा है। साधारण शुरुआत से वैश्विक साम्राज्य तक नुवाल का जीवन संघर्ष और सफलता की एक अद्भुत मिसाल है। एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने के बाद भी उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और दूरदृष्टि के बल पर 'सोलर इंडस्ट्रीज' को खड़ा किया।

आज यह समूह भारत में औद्योगिक विस्फोटकों का सबसे बड़ा निर्माता है। कंपनी माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए आवश्यक अत्याधुनिक विस्फोटक और डिटोनेटर बनाती है। सोलर ग्रुप का व्यवसाय आज केवल भारत तक सीमित नहीं है बल्कि दुनिया के 65 से अधिक देशों में इसकी सामग्री निर्यात की जाती है, जो इसे एक ग्लोबल लीडर बनाती है।

रक्षा क्षेत्र में देश को बनाया 'आत्मनिर्भर'

साल 2010 से पहले तक भारत अपनी सेनाओं के लिए कई तरह के गोला-बारूद, मिसाइल प्रोपेलेट और सैन्य विस्फोटकों के लिए पूरी तरह से आयाती पर निर्भर था। इस रणनीतिक कमजोरी और देश की जरूरत को सत्यनारायण नुवाल ने समय रहते पहचाना। उन्होंने साल 2010 में 'सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड' की स्थापना की।

खत्म की आयात पर निर्भरता

इस कदम के बाद भारत ने रक्षा सामग्री के मामले में आत्मनिर्भर होने की दिशा में कदम बढ़ाए। उनकी कंपनी ने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए मिसाइलों के वॉरहेड, धीपेलेट और स्वदेशी रॉकेट (जैसे पिनाका रॉकेट) के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह भारत के रक्षा क्षेत्र में एंट्री करने वाले और सेना को गोला-बारूद सप्लाई करने वाले देश के शुरुआती निजी उद्यमियों में से एक बने।

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