बाहर ताला, अंदर धुएं के छल्ले... नागपुर में आधी रात 'ऑपरेशन थंडर', 3 हुक्का पार्लरों पर रेड

Nagpur Operation Thunder: नागपुर में ऑपरेशन थंडर के तहत पुलिस ने गोकुलपेठ के 3 हुक्का पार्लरों पर देर रात छापे मारे। बंद कमरों में हुक्का सेवन करते लोग मिले, संचालकों पर कार्रवाई हुई।
Locked from the Outside, Smoke Rings Within... 'Operation Thunder' Strikes Nagpur at Midnight: 3 Hookah Parlors Raided
नागपुर पुलिस, ऑपरेशन थंडर,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Police Operation Thunder: नागपुर हुक्का पार्लरों के खिलाफ लगातार मिल रहीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीपी रवींद्र कुमार सिंगल ने ऑपरेशन थंडर के तहत रविवार को आधी रात के बाद पूरी फौज के साथ सर्जिकल स्ट्राइक कर दी। एक साथ 3 हुक्का पार्लरों पर छापे मारे गए, कैफे संचालकों ने बाहर से तो ताला लगा रखा था लेकिन बंद कमरों में धुएं के छल्ले बनाए जा रहे थे। पुलिस ने दरवाजे तोड़कर कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई से कैफे संचालकों में हड़कंप मच गया है।

खुद सीपी के मैदान में उतरने से अधिकारी भी सकते में आ गए हैं। कार्रवाई किए गए हुक्का पार्लरों में गोकुलपेठ स्थित निंबस लाउंज, हश-हेज कैफे और सोरो कैफे का समावेश है। सीपी को जानकारी मिली थी कि समयावधि खत्म होने के बाद भी उपरोक्त कैफे लाउंज में ग्राहकों को प्रवेश दिया जाता है। देर रात तक हुक्का पीने की सुविधा दी जाती है।

रात 11 बजे के दौरान अचानक सीपी ने जोन-2 के डीसीपी नित्यानंद झा और नाइट राउंड पर निकलीं डीसीपी जोन-4 रश्मिता राव को गोकुलपेठ बुला लिया। अपनी टीम के साथ सबसे पहले सोरो कैफे में दबिश दी। यहाँ बंद कमरे में घने धुएं के बीच हुक्का सेवन जारी था। 17 युवक और 5 युवतियों सहित 29 लोग कैफे में मिले। पुलिस ने कैफे के संचालक धनंजय गणपति पौनीकर के खिलाफ कार्रवाई की।

बाहर ताला, भीतर 23 ग्राहक

दूसरी कार्रवाई निंबस लाउंज में की गई। पुलिस को कैफे के एंट्री गेट पर ताला दिखाई दिया लेकिन सीपी को जानकारी मिली थी कि भीतर ग्राहक हुक्के का सेवन कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस ने दरवाजे का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। ग्राहक बाहर जाना चाहते थे लेकिन पुलिस की छापेमारी के चलते बाहर जाने का रास्ता नहीं मिल रहा था। भीतर हर जगह धुआं पसरा हुआ था। ऐसे में सीपी ने एहतियातन दमकल विभाग को भी बुला लिया, जांच करने पर कैफे के भीतर 23 युवक और 3 युवतियां दिखाई दीं। कर्मचारियों को मिलाकर भीतर 41 लोग मौजूद थे। पुलिस ने कैफे के संचालक शेख समीर के खिलाफ कार्रवाई की। सभी व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

इमरजेंसी गेट तोड़कर ग्राहकों को बाहर निकाला

तीसरी कार्रवाई हैश-हेज कैफे में की गई। पुलिस कैफे में पहुंची तो गेट भीतर से बंद था। बार-बार आवाज लगाने के बावजूद किसी ने गेट नहीं खोला लेकिन ग्राहक भीतर फंसे हुए थे। पुलिस ने अग्निशमन दल की मदद से दरवाजा तोड़ दिया, इमरजेंसी गेट के जरिए ग्राहकों को बाहर निकाला गया, इस समय कैफे में 9 युवक और 4 महिलाएं मौजूद थीं, उनके अलावा कैफे का स्टाफ भी वहां मौजूद था।

पुलिस ने कैफे के संचालक अरसलान मिजी के खिलाफ कार्रवाई की, पुलिस ने तीनों प्रतिष्ठानों से 84 लोगों को हिरासत में लिया, भारी मात्रा में हुक्का फ्लेवर, हुक्का पॉट और फर्नीचर सहित लाखों का माल पुलिस ने जब्त कर लिया है।

कानूनी कार्रवाई जारी

सीपी ने बताया कि कैके संचालकों के खिलाफ बीएनएस के तहत गलत तरीके से रोकना और अवैध बंदी से संबंधित धाराओं के साथ-साथ सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए है, उन्होंने कहा कि बंद और धुएं से भरे वातावरण में लोगों की आवाजाही को सीमित करना एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा खतरा है। ऑपरेशन थंडर के तहत अवैध हुक्का पार्लरों और सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को खतरे में डालने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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