

Nagpur Contaminated Drinking Water: नागपुर महानगर के कुछ इलाकों के नलों में दूषित व बदबूदार पेयजल आने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यहां के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ये समस्या पेयजल सप्लाई लाइनों में लीकेज के चलते बढ़ी है। जनता के स्वास्थ्य से हो रहे इस खिलवाड़ पर मनपा के नगरसेवक अतुल कोटेचा ने महापौर नीता ठाकरे को पत्र लिखकर मांग की है कि जल्द ही इस समस्या से निजात दिलाकर जनता को राहत दिलाएं।
अन्यथा कांग्रेस पार्टी के सभी पार्षद नागपुर महानगरपालिका पर मोर्चा निकालकर आंदोलन करेंगे। कोटेचा ने बताया कि शहर के वाठोड़ा, इतवारी, गांधीबाग और नारा सहित कई क्षेत्रों में पानी की लाइनों में लीकेज बिजली केबल, गैस पाइपलाइन डालने और सीवरेज खुदाई के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण हुए हैं। बाद में इन लीकेज के जरिए घरों तक गंदे पानी की सप्लाई होने लगी है।
लिहाजा शहर में दूषित पानी से बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है। दरअसल शहर में कई दिनों से जगह-जगह बिजली केबल, गैस पाइपलाइन डालने और सड़क खुदाई-बनवाई का काम चल रहा है। कुछ जगह नई सीवरेज लाइनें डालने के कारण भी खुदाई की जा रही है।
इस दौरान निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण पेयजल लाइनों को नुकसान हुआ है, इसलिए लीकेज बन गए हैं। लीकेज से घरों के नलों में दूषित और बदबूदार पानी पहुंच रहा है। इस समस्या से कुछ बस्तियां व कॉलोनियां भी अछूती नहीं हैं। जलप्रदाय विभाग में शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है।
कोटेचा ने जनहित में इस मुद्दे पर महापौर ठाकरे और मनपा प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि हम शहर में चल रहे विकास कार्यों का पुरजोर समर्थन करते हैं, मगर उसके कारण हो रहे जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
महापौर को लिखे अपने पत्र में पार्षद कोटेचा ने यह भी मांग की है कि अब सीवरेज पाइपलाइन का गहराईकरण किया जाए, ताकि भविष्य में उसका संपर्क पेयजल की पाइपलाइन से न होने पाए।
इस पत्र की प्रतिलिपियां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और जिला पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले सहित अन्य संबंधितों को भेजी गई हैं।