

Nagpur Municipal Contempt Case: नागपुर रिट याचिका पर दिए गए आदेशों का पालन नहीं किए जाने के चलते करीम खान अब्बास खान पठान की ओर से मनपा आयुक्त के खिलाफ हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई। याचिका पर सुनवाई के दौरान मनपा की ओर से पिछले आदेश का अनुपालन किए जाने की जानकारी प्रदान की गई।
इसके बाद हाई कोर्ट ने मनपा आयुक्त को अवमानना से छुटकारा दे दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधि। अंजली अग्रवाल और मनपा की ओर से अधि। जेमीनी कासट ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान अधि। कासट ने अदालत को सूचित किया कि मनपा के सहायक आयुक्त द्वारा उस आदेश का पूरी तरह से पालन कर लिया गया है जिसकी अवमानना का आरोप याचिका में लगाया गया था।
याचिकाकर्ता का मानना था कि उन्होंने इस अवैध निर्माण को रोकने के लिए प्रशासन के दरवाजे खटखटाए थे। उन्होंने 4 दिसंबर 2025 और 10 दिसंबर 2025 को मनपा के सहायक आयुक्त को लिखित शिकायतें दी थीं। जब प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया तो याचिकाकर्ता ने 13 दिसंबर और 20 दिसंबर 2025 को कानूनी नोटिस भी जारी किए, इसके बावजूद मनपा के सहायक आयुक्त ने इन शिकायतों का कोई संज्ञान नहीं लिया।
गांधीबाग इलाके में हो रहे एक कथित अवैध निर्माण के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए हाई कोर्ट ने रिट याचिका पर सुनवाई के बाद मनपा को सख्त निर्देश दिए थे। अदालत ने मनपा को आदेश दिया था कि वह नागरिक द्वारा की गई शिकायतों पर गंभीरता से विचार करे और 4 सप्ताह के भीतर इस मामले पर अपना निर्णय ले, याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में बताया था कि याचिकाकर्ता गांधीबाग के तेलंगीपुरा स्थित मकान नंबर 418-A का वैध मालिक और निवासी है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि पड़ोस के मकान नंबर 418 में रहने वाला सम्पत्तिधारक बिना किसी सक्षम अधिकारी की मंजूरी या अनुमति के अवैध और अनधिकृत निमर्माण कर रहा है।