

Nagpur 24x7 Water Project Failure: नागपुर शहर अपने गृहनगर में 24 बाय 7 जलापूर्ति योजना के असफल होने पर नाराजगी जताते हुए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भविष्य में केवल आर्थिक ऑडिट करके काम नहीं चलेगा बल्कि परफॉर्मेंस ऑडिट करना जरूरी है।
अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके बड़े सुधार किए बिना स्थिति नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वालों का सम्मान होना चाहिए लेकिन यह चेतावनी भी दी कि गलती करने वालों को सजा भी मिलनी चाहिए, उन्होंने स्वीकार किया कि 24 घंटे जलापूर्ति योजना असफल हुई है जिसे सफल बनाना होगा।
आईवा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजय दहासहस्र की पुस्तक 'ट्वेंटी फोर बाय सेवन वॉटर सप्लाई इंजीनियरिंग' के विमोचन समारोह में बोलते हुए गडकरी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक भविष्य में एक सफल मॉडल के रूप में उपयोगी साबित होगी।
उन्होंने कहा कि देश के विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए 24 घंटे जलापूर्ति योजना का सफल होना आवश्यक है लेकिन नागपुर में यह प्रयोग सफल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं तैयार करने में हमारे यहां बड़ी समस्या है, सलाहकार और अधिकारी मैदान में जाए बिना एसी कमरों में बैठकर गूगल की मदद से योजनाएं बनाते है।
योजनाएं बनने में कई वर्ष लग जाते हैं और तब तक निर्धारित जगह की स्थिति बदल चुकी होती है। उन्होंने मनपा के इंजीनियरों की योग्यता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने पाली का सम्मान नहीं होता और गलती करने बालों को सजा नहीं मिलती, निविदा प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार और सिफारिशबाजी चल रही है। काम की गुणवत्ता गिर चुकी है और ठेकेदारों के बीच कहीं भी तालमेल नहीं होता।