नेहरूनगर जोन में विकास कार्यों की जांच तेज, सहायक आयुक्त को प्रभार से दूर रखने की मांग पर कार्रवाई

Nehru Nagar Zone Nagpur: नेहरूनगर जोन में विकास कार्यों में अनियमितता की विभागीय जांच शुरू होने पर सहायक आयुक्त विकास रायबोले को पद से हटा दिया गया है। सभापति की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई।
Nagpur Municipal Corporation Inquiry
नागपुर महानगरपालिकासोर्स- सोशल मीडिया
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Nagpur Municipal Corporation Inquiry: नागपुर जिले के नेहरूनगर जोन क्रमांक 5 में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए विभिन्न विकास कार्यों, कार्यादेशों, देयकों और प्रशासनिक कार्यवाही से संबंधित मामलों की विभागीय जांच शुरू होने के बाद सहायक आयुक्त विकास रायबोले को जांच पूरी होने तक पद के प्रभार से दूर रखने की मांग की गई थी।

इस संबंध में मुख्यमंत्री सचिवालय को ज्ञापन सौंपकर संबंधित अधिकारी को नियमानुसार अवकाश पर भेजने की मांग की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त आयुक्त द्वारा जारी किए गए आदेश के तहत संबंधित अधिकारी की जगह जोन के सहायक आयुक्त पद की जिम्मेदारी दूसरे अधिकारी को दी गई है।

इस कारण विकास कार्यों की विभागीय जांच का मामला और भी गहरा गया है। नेहरूनगर जोन की सभापति सीमा ढोमणे द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त मामलों को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आने के बाद मनपा के मुख्य अभियंता कार्यालय की ओर से विभागीय जांच समिति गठित की गई है।

अभिलेखों तक पहुंच पर जताई चिंता

ज्ञापन में आशंका व्यक्त की गई है कि जांच के दौरान संबंधित अधिकारी के उसी पद पर कार्यरत रहने से कर्मचारियों, ठेकेदारों, अभिलेखों, देखकों, कार्यस्थलों और प्रशासनिक दस्तावेजों से उनका संपर्क बना रह सकता है।

इसलिए जांच पूरी होने तक उन्हें नेहरूनगर जोन क्रमांक 5 के सहायक आयुक्त पद के प्रभार से अलग रखा जाए, साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को संवेदनशील प्रशासनिक निर्णयो, अभिलेखों और संबंधित कार्यों से जुड़े अधिकार नहीं देने तथा उनके स्थान पर किसी सक्षम सहायक आयुक्त की तत्काल नियुक्ति की भी मांग की गई थी।

Nagpur Municipal Corporation Inquiry
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पारदर्शी जांच और सख्त कार्रवाई की अपेक्षा 

नागपुर जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का मानना है कि इस पूरे प्रकरण में यदि निष्पक्षता से जांच की जाती है, तो कई अन्य गड़बड़ियां और वित्तीय अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं।

जोन क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता और जारी किए गए फंड आवंटन को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे।

ऐसे में जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक व प्रशासनिक कार्रवाई किए जाने की संभावना है। 

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