Nashik Gas Crisis जिलाधिकारी आयुष प्रसाद (फोटो-सोर्स, नवभारत)
Maharashtra LPG Crisis News: नासिक में कमर्शियल गैस की कमी से नाशिक के औद्योगिक पहिए थमने न पाएं, इसके लिए जिला प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि गैस की कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और आवश्यक सेवाओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। ‘महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स’ के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में संकट की गंभीरता पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने विश्वास दिलाया कि दूध और डेयरी उत्पादों जैसे खराब होने वाले माल के प्रसंस्करण के लिए गैस की आपूर्ति पहली प्राथमिकता होगी। इससे सीधा लाभ दूध उत्पादक किसानों को मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि कमर्शियल गैस की कमी केवल होटलों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े उद्योगों में भी इसका उपयोग होता है।
आपूर्ति रुकने से लाखों श्रमिकों के रोजगार और करोड़ों के टर्नओवर पर संकट है। नासिक जिले के लगभग 5,500 होटल और रेस्टोरेंट इस समय आपूर्ति की कमी से जूझ रहे हैं, जिससे पर्यटन व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।
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आपूर्ति में आ रही बाधाओं का फायदा उठाने वाले बिचौलियों पर प्रशासन की पैनी नजर है। नासिक जिलाधिकारी ने आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए हैं कि गैस सिलेंडरों के स्टॉक और वितरण की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाए। ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया कि यदि उद्योगों को गैस नहीं मिली, तो उत्पादन बंद होने से बड़े पैमाने पर छंटनी की नौबत आ सकती है।
प्रशासन ने इसे रोकने के लिए हर संभव मदद का वादा किया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में महाराष्ट्र चैंबर के उपाध्यक्ष संजय सोनवणे, मिठाई एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कोतकर, वेदांशू पाटिल और अन्य उद्यमी उपस्थित थे।