

Nana Patole Attacks BJP RSS: महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और विधायक नाना पटोले ने केंद्र सरकार, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर चौतरफा हमला बोला है। नागपुर में मीडिया से बात करते हुए पटोले ने देश के बड़े धार्मिक स्थलों में दान और चढ़ावे के कथित दुरुपयोग से लेकर पंजाब कांग्रेस के अंदरूनी घमासान और देश की चुनाव प्रणाली तक, कई संवेदनशील मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी।
नाना पटोले का सबसे तीखा हमला बद्रीनाथ धाम और अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग को लेकर था। उन्होंने भाजपा और RSS को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अब हमारे हिंदू मंदिर सुरक्षित नहीं हैं। इतिहास में हम सुनते थे कि मुगलों ने देश के मंदिरों को लूटा, लेकिन आज वही आरोप भाजपा और RSS पर लग रहे हैं। मुगलों और भाजपा-RSS में अब कोई अंतर नहीं रह गया है। उन्होंने आगे कहा कि मंदिरों को इन आधुनिक लुटेरों से बचाने का समय आ गया है।
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि दान के पैसे की लूट और लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना भाजपा-आरएसएस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। इसके लिए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई और सार्वजनिक रूप से माफी मांगना चाहिए। जांच के लिए गठित एसआईटी केवल मामले को दबाने का माध्यम बन सकती है और वास्तविक जिम्मेदारों को बचाया जा सकता है।
नाना पटोले ने यह भी दावा किया कि बद्रीनाथ, मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर और पंढरपुर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी दान राशि के कथित दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। कांग्रेस को जल्द ही इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज मिलने की उम्मीद है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों द्वारा अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने की मांग पर नाना पटोले ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। ऐसी मांगें और चर्चाएं लोकतंत्र का हिस्सा हैं तथा कांग्रेस में तानाशाही की कोई जगह नहीं है।
नाना पटोले ने चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद चुनाव आयोग सहित कई संस्थाओं के माध्यम से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित किए गए हैं। चुनाव फिर से बैलेट पेपर के जरिए कराए जाने चाहिए।
बता दें कि चंडीगढ़ में तीन सदस्यों वाले ऑब्जर्वर पैनल की बातचीत में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सबसे पसंदीदा उम्मीदवार के तौर पर उभरे हैं। वहीं अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया। इसके बाद 20 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व कांग्रेस विधायकों के साथ-साथ कई वरिष्ठ नेताओं ने चन्नी का समर्थन किया।