नागपुर के वैज्ञानिकों का बड़ा आविष्कार: अब रात में भी सोलर पैनल से बनेगी बिजली, मिला UK पेटेंट!

Night Solar Power: नागपुर विश्वविद्यालय और लिटू के शोधकर्ताओं ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे एलईडी और पवन ऊर्जा की मदद से रात में भी सोलर पैनलों से बिजली उत्पादन संभव हो सकेगा।
Major invention by Nagpur scientists: Solar panels to generate electricity at night too; UK patent granted!
नागपुर विश्वविद्यालय, सौर ऊर्जा, सोलर पैनल, (सोर्स- नवभारत डिजाइन फोटो)
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Night Time Solar Electricity: सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय और लक्ष्मीनारायण अभिनव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (लिटू) के शोधकर्ताओं ने ऐसा अभिनव शोध विकसित किया है जिससे रात में भी सोलर पैनलों के माध्यम से बिजली उत्पादन संभव हो सकेगा, इस नवाचार के लिए शोधकर्ताओं को यूके डिजाइन पंजीकरण प्रमाणपत्र भी प्राप्त हुआ है। शोध में विश्वविद्यालय के भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय ढोबले तथा लिटू के भौतिकी विभाग के प्राध्यापक डॉ. विजय पावडे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नई तकनीक से रात में भी सोलर पैनल बनाएंगे बिजली

शोधकर्ताओं ने बताया कि वर्तमान में बाइफेशियल (दोनों तरफ से कार्य करने वाले) सोलर पैनल उपलब्ध हैं जो ऊपर और नीचे दोनों ओर से प्रकाश प्राप्त कर बिजली उत्पन्न करते हैं। हालांकि सूर्य का प्रकाश कम होने या रात होने पर इनकी ऊर्जा उत्पादन क्षमता घट जाती है। इस समस्या का समाधान खोजते हुए डॉ. ढोबले और डॉ. पावडे ने सोलर पैनलों के ऊपर और नीचे एलईडी लाइटें लगाकर एक नई तकनीक विकसित की है।

यह प्रणाली पवन ऊर्जा से प्राप्त बिजली को संग्रहित करती है। जैसे ही सूर्य का प्रकाश कम होता है सेंसर की सहायता से एलईडी लाइटें स्वतः जल जाती हैं और कृत्रिम प्रकाश उपलब्ध कराती हैं। इस कृत्रिम प्रकाश से सोलर पैनल रात में भी बिजली उत्पादन जारी रख सकते हैं।

भविष्य के लिए बेहद उपयोगी

शोधकर्ताओं का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में बाहरी ऊर्जा स्रोत की आवश्यकता नहीं पड़ती बल्कि प्रणाली स्वयं ऊर्जा उत्पन्न करने में सक्षम है। उनका मानना है कि यदि इस तकनीक का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया तो भविष्य में घरों, उद्योगों और सड़क प्रकाश व्यवस्था के लिए चौबीसों घंटे सौर ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सकेगी और यह समाजोपयोगी शोध साबित होगा।

इस उपलब्धि पर उपकुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर, प्र-उपकुलपति डॉ. अखिलेश पेशवे, प्रभारी कुलसचिव डॉ. विजय खंडाल, अधिष्ठाता डॉ. उमेश पलीकुंडवार तथा लिटू के कुलपति डॉ. अतुल वैद्य और कुलसचिव डॉ. निरज खटी ने दोनों शोधकर्ताओं का अभिनंदन किया।

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