गोंदिया में एक शिक्षक के भरोसे चल रहा पूरा स्कूल, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Gondia Schools News: गोरेगांव तहसील के धानुटोला जिप स्कूल में सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे 1ली से 4थी कक्षा के छात्र। शिक्षकों की कमी और प्रशासनिक अनदेखी से आदिवासी बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा खतरे में।
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Goregaon ZP School Dhanutola News: गोरेगांव  तहसील के आदिवासी गांव धानुटोला स्थित जिला परिषद प्राथमिक शाला की स्थिति बेहद दयनीय है। यहां शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और इस गांव में बच्चों का भविष्य शिक्षा की कमी के कारण अंधेरे में नजर आ रहा है।

स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी के कारण पढ़ाई की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। धानुटोला गांव के इस स्कूल में सिर्फ एक ही शिक्षक कार्यरत हैं, जो कक्षा 1ली से लेकर कक्षा 4थी तक के बच्चों को पढ़ा रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस एक शिक्षक को प्रधानाध्यापक और शिक्षक दोनों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जिससे स्कूल की शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

इसके अलावा, शिक्षा के मामले में कार्यरत शिक्षक भी गंभीर नहीं दिखते हैं। 21 अप्रैल को जब स्कूल में बच्चों को पढ़ाई की जरूरत थी, शिक्षक कापगते विद्यालय संबंधित कार्यों से बाहर होने के कारण स्कूल से नदारद थे। जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग को इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए, ताकि गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य उज्जवल हो।

यह स्थिति इस बात की भी पुष्टि करती है कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए अधिक संसाधनों और उचित प्रबंधन की जरूरत है। शिक्षा के साथसाथ सुरक्षा पर भी खतराइस विद्यालय में केवल 19 छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन शिक्षक की कमी के कारण छात्रों की सुरक्षा भी एक गंभीर समस्या बन गई है।

एक तरफ तो शिक्षा का स्तर गिरा हुआ है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक नहीं होने से बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की अनदेखीशाला प्रशासन द्वारा शिक्षक की कमी को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जबकि पूरा शैक्षणिक सत्र खत्म होने को है, स्कूल में स्वयंसेवक शिक्षक की नियुक्ति भी नहीं की गई है।

शिक्षा विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण धानुटोला के आदिवासी बच्चों का भविष्य संकट में है। वर्षों से शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही इस अनदेखी के कारण गांव के कई छात्र शिक्षा से वंचित हो गए हैं, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

शिक्षक नियुक्त करेंगे21 अप्रैल को कार्यरत शिक्षक कापगते स्कूल से संबंधित कार्यों से बाहर गए हुए थे और उनकी अनुपस्थिति के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई। इस वर्ष का शैक्षणिक सत्र खत्म होने वाला है, लेकिन आगामी सत्र में यहां स्वयंसेवक शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी।

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