नागपुर स्टेशन से 6 साल के मासूम का अपहरण, GRP ने कार से 670 किमी ट्रेन का पीछा कर मिर्जापुर से पकड़ा

Nagpur Station Kidnapping: नागपुर रेलवे स्टेशन से 6 साल के बच्चे का अपहरण करने वाले आरोपी को जीआरपी ने 48 घंटे में गिरफ्तार किया। पुलिस ने कार से 670 किमी ट्रेन का पीछा कर आरोपी को दबोचा।
Nagpur GRP Police
लोहमार्ग पुलिसफोटो सोर्स- नवभारत
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Nagpur GRP Police: नागपुर स्टेशन पर अपने 6 वर्षीय मासूम बेटे अर्जुन (बदला हुआ नाम) के साथ रुके एक असहाय पिता को झांसा देकर बच्चे का अपहरण के आरोपी नालंदा, बिहार निवासी मिथुनकुमार दयाचंद्र पासवान (21) को लोहमार्ग पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मिर्जापुर रेलवे स्टेशन से धर दबोचा। कार्रवाई के लिए जीआरपी ने 670 किमी तक कार से ट्रेन का पीछा किया।

राजस्थान के चंपतलाल चौहान (38) (बदला हुआ नाम) कोरोना में अपनी पत्नी के निधन के बाद 3 बच्चों के पालन पोषण के लिए हैदराबाद में मजदूरी व मूर्तियों की पेंटिंग का काम करने गये थे। बच्चों की उम्र 13, 8 और 6 वर्ष है। अर्जुन सबसे छोटा बेटा है। काम न मिलने पर ट्रेन से अपने गांव लौटने निकले थे।

सिकंदराबाद स्टेशन पर चंपतलाल चौहान मुलाकात मिथुन से हुई

सिकंदराबाद स्टेशन पर उनकी मुलाकात मिथुन से हुई, मिथुन ने कहा कि उसकी अपनी कंपनी है जहां वह उन्हें नौकरी देगा। झांसे में आकर चौहान ने बात मान ली।

इसके बाद मिथुन ने उनके लिए जनरल टिकट निकाली और उन्हें सिकंदराबाद से नागपुर ले आया। शाम करीब 6.30 बजे नागपुर पहुंचने पर मिथुन ने सभी को खाना खिलाया और यहां से ट्रेन बदलने की बात की। इस बीच चौहान बच्चों के लिए दवा लेने गया कि तभी मिथुन ने अर्जुन को लेकर चला गया। लेकिन काफी देर तक वह वापस नहीं आया। घबराए चौहान ने जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई।

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CCTV, बिहारी बोली से पुलिस को मिला सुराग

जानकारी मिलते ही जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारी और शाखाएं जांच में जुट गई। रेलवे सुरक्षा बल की मदद से सीसीटीवी रिकोर्डिंग जांच में मिथुन प्लेटफॉर्म 1 पर खड़ी ट्रेन 12159 अमरावती-जबलपुर एक्सप्रेस में अर्जुन को लेकर सवार होता नजर आया, पीआई गौरव गावंडे की पूछताछ में चौहान ने बताया कि आरोपी की भाषा बिहारी जैसी थी।

तुरंत ही आरोपी की तस्वीर जारी कर बिहार जाने वाली सभी ट्रेनों के स्टाफ को भेज दी। पता चला कि मिथुन यूपी होते हुए बिहार जाने वाली ट्रेन में सवार है। इसके बाद जीआरपी टीम को कार से ही बिहार की ओर रवाना कर दिया गया। जीआरपी टीम लोकेशन ट्रेस करते हुए 670 की दूरी को पूरी करते हुए ट्रेन से पहले मिर्जापुर स्टेशन पहुंच गई।

यहां मिथुन को अरेस्ट कर उसके चंगुल से अपहृत अर्जुन को छुड़ाकर दोनों को नागपुर लाया गया। जांच जारी है कि मिथुन ने अपहरण मानव तस्करी के इरादे से किया था या या किसी अन्य वजह से। उधर, मासूम बेटे को सकुशल देखकर जीआरपी का आभार प्रकट करते हुए चौहान की आंखों से आंसू नहीं रुके, यह कार्रवाई एसी शिंदे, एड. एसपी राठौड के मार्गदर्शन में पीआई गावंडे, एसआई इंगले, मिश्रा, येलेकर, धोंगडी, अली,

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