

लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार तीन आरोपी नागपुर से गिरफ्तार।
यूपी एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और नागपुर क्राइम ब्रांच ने मिलकर की कार्रवाई।
पुलिस ने करीब 250 CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया।
सोमलवाड़ा के प्रोजोन पाल्म्स परिसर में फ्लैट का दरवाजा तोड़कर तीनों को हिरासत में लिया गया।
अदालत ने तीनों आरोपियों की 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की।
Nagpur Shraddha Dubey Arrest Lucknow Murder Case: लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया। यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की सूचना पर नागपुर क्राइम ब्रांच ने करीब 250 CCTV फुटेज खंगाले और सोमलवाड़ा के एक फ्लैट तक पहुंची। तीनों को अदालत में पेश करने के बाद 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ले जाया गया।
लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार चल रही श्रद्धा दुबे को उत्तर प्रदेश पुलिस ने नागपुर शहर से गिरफ्तार किया है। उसके साथ उसकी बहन और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर अली को भी हिरासत में लिया गया। आरोपियों की तलाश में यूपी एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और नागपुर क्राइम ब्रांच की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि श्रद्धा और उसकी बहन कानपुर से एक कार में नागपुर पहुंची हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसकी सूचना नागपुर पुलिस को दी, जिसके बाद क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमें सक्रिय हो गईं।
पुलिस को संबंधित कार गणेशपेठ बस स्टैंड के पास मिली। चालक ने बताया कि दो बुर्काधारी महिलाएं और एक व्यक्ति उसकी कार से नागपुर आए थे, लेकिन कुछ समय पहले ही ई-रिक्शा से कहीं चले गए थे। पुलिस ने चालक को आरोपियों की तस्वीरें दिखाईं, जिसके बाद दानिश की पहचान की गई।
बस स्टैंड परिसर के CCTV फुटेज की जांच में तीनों आरोपी ई-रिक्शा से जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों के करीब 250 CCTV फुटेज खंगाले। जांच करते हुए टीम चिंचभवन पुलिया तक पहुंची और वहां से आरोपियों की आगे की लोकेशन का पता लगाने में जुटी रही।
पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा ने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा था, लेकिन वह इंटरनेट के जरिए सोशल मीडिया से जुड़ी हुई थी। जांच टीम ने इंटरनेट सेवा प्रदाता से जानकारी जुटाई। इसके आधार पर आरोपियों की लोकेशन सोमलवाड़ा के डीपी रोड के आसपास मिली।
पुलिस ने इलाके की कई सोसायटियों में जांच की। इसी दौरान प्रोजोन पाल्म्स के सुरक्षा गार्ड ने बताया कि बताए गए हुलिये के तीन लोग इमारत के एक फ्लैट में ठहरे हुए हैं।
पुलिस टीम ने संबंधित फ्लैट पर दबिश दी। पुलिस के अनुसार, अंदर मौजूद लोगों को अंदेशा हो गया था कि पुलिस उन तक पहुंच चुकी है। तीनों ने दरवाजा नहीं खोला। वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देने के बाद अनुमति मिलने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर तीनों को हिरासत में ले लिया।
कार्रवाई पूरी होने तक अंधेरा हो चुका था। खबर के अनुसार, बेलतरोड़ी थाने में लॉकअप की व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण तीनों को रातभर हुडकेश्वर पुलिस थाने के लॉकअप में रखा गया।
बुधवार सुबह लखनऊ पुलिस ने तीनों आरोपियों को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एस.डी. कामत की अदालत में पेश किया और ट्रांजिट रिमांड मांगी। अदालत ने 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी, जिसके बाद पुलिस तीनों को आगे की जांच के लिए लखनऊ ले गई।
श्रद्धा दुबे खुद को निर्दोष बताते हुए कह रही थी कि शिवा शर्मा ने इमारत की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की थी। यह उसका कथित बयान है; मामले में मौत की परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
डीसीपी दीपक अग्रवाल और एसीपी वैभव जाधव के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर शुभांगी देशमुख, पप्पू कादरी, एपीआई चेतन बोरखेड़े, नितिन चुलपार, पीएसआई मनोज राऊत, अमित देशमुख तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई में हिस्सा लिया।