

विधायक बच्चू कडू समेत छह लोगों के खिलाफ चंद्रपुर के घुग्घुस पुलिस थाने में मामला दर्ज।
WCL में स्थानीय भूमिपुत्रों को 80% नौकरियों में प्राथमिकता देने की मांग।
18 अक्टूबर को साखरा से घुग्घुस के कारगिल चौक तक निकाली गई थी पदयात्रा।
तहसीलदार और पुलिस प्रशासन को धमकी देने का आरोप।
भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई।
Chandrapur Bacchu Kadu Tehsildar Threat Case: चंद्रपुर जिले के घुग्घुस में WCL की नौकरियों में स्थानीय भूमिपुत्रों को 80 प्रतिशत प्राथमिकता देने की मांग को लेकर निकाले गए मोर्चे के बाद विधायक बच्चू कडू समेत छह लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, बिना अनुमति पदयात्रा, गैरकानूनी भीड़ जुटाने और भाषण के दौरान पुलिस प्रशासन व तहसीलदार को धमकी देने के आरोप हैं।
चंद्रपुर, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यमंत्री और विधायक बच्चू कडू समेत छह लोगों के खिलाफ चंद्रपुर जिले के घुग्घुस पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि वेकोलि (WCL) में स्थानीय भूमिपुत्रों को 80 प्रतिशत नौकरियों में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर बिना अनुमति पदयात्रा निकाली गई और सभा के दौरान पुलिस प्रशासन तथा तहसीलदार के खिलाफ धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में गैरकानूनी रूप से भीड़ जुटाने और सार्वजनिक सभा के दौरान कथित धमकी देने के आरोप भी शामिल हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, 18 अक्टूबर को बच्चू कडू के नेतृत्व में यवतमाल जिले के साखरा से चंद्रपुर जिले के घुग्घुस स्थित कारगिल चौक तक पदयात्रा निकाली गई थी। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग थी कि वेकोलि में स्थानीय भूमिपुत्रों को 80 प्रतिशत नौकरियों में प्राथमिकता दी जाए।
इस मांग को लेकर आयोजित मोर्चे और सभा के दौरान नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए पुलिस ने कार्रवाई की। हालांकि, स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग और पुलिस द्वारा दर्ज आरोप अलग-अलग मुद्दे हैं; मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, सभा के दौरान तहसीलदार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक तथा धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि तहसीलदार को पुल के नीचे फेंकने की धमकी दी गई। भाषण के दौरान पुलिस के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाने और अपशब्दों का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है।
मामले में विधायक बच्चू कडू के अलावा मुकेश जीवतोडे, रोशन हरबडे, अमोल मांढरे, नथ्थू नवले और सतीश बीडकर के नाम शामिल हैं। मुकेश जीवतोडे शिवसेना के शिंदे गुट में चंद्रपुर-वणी-आर्णी लोकसभा क्षेत्र के संगठनकर्ता बताए गए हैं।
घुग्घुस पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 190, 191(2), 296, 223, 224 और 351(2) के साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।