

SBI से किसानों के नाम पर 73.82 करोड़ रुपये का फर्जी कृषि कर्ज उठाया गया।
नागपुर ग्रामीण पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया।
बेंगलुरु और जबलपुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
अब तक 18 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए।
Nagpur Rural Police Investigation: नागपुर जिले में गरीब और कम पढ़े-लिखे किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से 73 करोड़ 82 लाख 92 हजार 850 रुपये का कृषि कर्ज उठाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का नागपुर ग्रामीण पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक कुल 18 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं।
1 नवंबर को आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने बेंगलुरु से डॉ. मदन गोपाल मल्लिकार्जुन पाटील (26) को हिरासत में लिया, इसके बाद 3 नवंबर को स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने मध्य प्रदेश के जबलपुर से प्रियरंजन अशोक कुमार चौधरी उर्फ गौरव मिश्रा उर्फ गौरव जायसवाल (42) और राहुल उर्फ संदीप सतीश दुबे (37) को गिरफ्तार किया।
गरोह के सदस्य गरीब, अशिक्षित और कम पढ़े लिखे किसानों को निशाना बनाकर पहले उनका विश्वास जीतते थे, उन्हें बताया जाता था कि फसल नुकसान के बदले गिरोह सरकार से प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता प्राप्त करने के लिए SBI में खाता खोलना जरूरी है।
इसी बहाने किसानों को बैंक ले जाकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और सातबारा (भूमि अभिलेख) प्राप्त किए जाते थे। इसके बाद बैंक के अंग्रेजी दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर करवाए जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर किसानों के नाम पर लाखों रुपये का कृषि कर्ज उठा लिया जाता था।
गिरोह ने SBI की मौदा शाखा से 54 करोड़ 69 लाख 42 हजार 850 रुपये तथा रामटेक शाखा से 19 करोड़ 13 लाख 50 हजार रुपये का कर्ज उठाया। इस तरह कुल 73 करोड़ 82 लाख 92 हजार 850 रुपये की धोखाधड़ी की गई। जांच में सामने आया है कि फर्जी कंपनियां स्थापित कर कर्ज की रकम उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई थी।