सावनेर-नागपुर हाईवे: अधूरा ओवरब्रिज बना मौत का जाल! प्रशासन की लापरवाही से बढ़ी दुर्घटनाओं की संख्या

Godhni flyover construction: सावनेर-नागपुर हाईवे पर अधूरा ओवरब्रिज मौत का जाल बन गया है। बढ़ती दुर्घटनाओं से नागरिक आक्रोशित, प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप।
Godhni flyover construction: सावनेर-नागपुर हाईवे पर अधूरा ओवरब्रिज मौत का जाल बन गया है। बढ़ती दुर्घटनाओं से नागरिक आक्रोशित, प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप।
सावनेर-नागपुर हाईवे (सौजन्य-नवभारत)
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Incomplete Saoner Overbridge: सावनेर-नागपुर हाईवे पर मालेगांव और गोधनी स्थित निर्माणाधीन ओवरब्रिज पिछले कई महीनों से अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे दोनों क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, अब तक कई जानें जा चुकी हैं, लेकिन न तो प्रशासन ने किसी ठोस कदम की ओर बढ़ने की कोशिश की है, न ही निर्माण एजेंसी ने सुरक्षा मानकों को पूरा किया है।

इस निर्माण कार्य के अधूरे होने के कारण सड़क की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है, और अब यह क्षेत्र एक मौत के जाल में तब्दील हो चुका है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जिस गति से शुरू हुआ था, उसी जल्दबाजी में उसे रुकवा दिया गया। शुरुआत में कुछ महीनों तक निर्माण कार्य दिखा, लेकिन अब स्थिति यह है कि ना तो मशीनें काम कर रही हैं, और ना ही मजदूरों का कोई अता-पता है।

साइनबोर्ड्स भी नदारद

इस अधूरे निर्माण कार्य के कारण हाईवे के दोनों ओर लंबा जाम लगने लगा है, जिससे ट्रकों, स्कूल बसों और यात्रियों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर स्कूल बसों में बच्चों को खतरा महसूस हो रहा है, और इस जाम की वजह से उनका समय भी बर्बाद हो रहा है। मालेगांव और गोधनी के बीच दोनों स्थानों पर सड़क की स्थिति अत्यधिक खराब हो गई है। निर्माण स्थल के आसपास की सड़कें असमान हैं, गड्ढे पड़े हैं, और स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण रात के समय गाड़ियों के लिए मुश्किलें पैदा हो रही हैं। इसके अलावा, वाहनों को खतरे से आगाह करने वाले साइनबोर्ड्स भी नदारद हैं, और अस्थायी बैरिकेड्स कई स्थानों पर टूटे पड़े हैं। ये सभी कारण दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहे हैं। विशेष रूप से दोपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए यह मार्ग खतरनाक हो गया है।

नागरिकों प्रशासन के प्रति आक्रोश

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पूरे मामले पर कई बार प्रशासन, हाईवे विभाग और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद प्रशासन ने न तो सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया है, और न ही निर्माण कार्य को तेज़ी से पूरा करने की कोई योजना बनाई है। इसके बावजूद, सड़क की स्थिति पर कोई काम नहीं किया जा रहा है, और क्षेत्रवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। गोधनी और मालेगांव में बार-बार घट रही दुर्घटनाओं से क्षेत्रीय जनता में गहरी नाराजगी है। नागरिक संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता अब खुलकर प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने की आवश्यकता

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अगर इसी गति से चलता रहा, तो आने वाले समय में कई और दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इससे पहले कि और कोई अनहोनी हो, निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने की आवश्यकता है।

इसके अलावा, सड़क की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। गड्ढों और असमान सड़क सतह को ठीक किया जाना चाहिए और वाहनों के लिए सुरक्षित मार्ग बनाने के लिए साइनबोर्ड, स्ट्रीट लाइटिंग और बैरिकेड्स लगाए जाने चाहिए।

गोधनी फ्लाईओवर नागरिकों के लिए एक और सिरदर्द

गोधनी क्षेत्र में भी निर्माणाधीन फ्लाईओवर का कार्य कई महीनों से जारी है। हालांकि, यह विकास कार्य नागरिकों के लिए कोई सुविधा देने के बजाय उनकी परेशानियों को और बढ़ा रहा है। कई जगहों पर सड़क खुदी हुई है, मलबा पड़ा हुआ है, और ट्रैफिक की व्यवस्था अव्यवस्थित हो गई है। इससे रोज़मर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतें पैदा हो रही हैं।

विशेष रूप से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में सड़क पर पानी और कीचड़ भरने से दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ गई है। इसके अलावा, रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और चेतावनी संकेतों के अभाव में दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।

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