Nagpur: 5 साल बाद भी नहीं बन पाया फ्लाईओवर, चौड़ाई भी घटा दी गई, आखिर कौन खा गया पैसा?

Flyover Construction in Nagpur: आज सिटी में कछुआ गति से चल रहे निर्माण कार्यों ने स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ व्यापारियों की परेशानी बढ़ाकर रख दी है।
Flyover Construction in Nagpur: आज सिटी में कछुआ गति से चल रहे निर्माण कार्यों ने स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ व्यापारियों की परेशानी बढ़ाकर रख दी है।
नागपुर न्यूज
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Nagpur News: नागपुर में निर्माण कार्यों में तेजी लाकर राहत देने की मांग कई बार प्रशासन से की जा चुकी है, बावजूद इसके काम की गति को बढ़ाया नहीं जा रहा है। इन्हीं में से एक एमआरआईडीसी द्वारा कड़बी चौक से टिमकी आटा चक्की तक निर्माण किया जाने वाला फ्लाईओवर अपने निर्धारित समय से 5 वर्ष विलंब से चल रहा है।

पहले जहां फ्लाईओवर की चौड़ाई 40 मीटर रखी गई थी वहीं अब इसे घटाकर 30 मीटर कर दिया गया है। इससे इस व्यस्ततम मार्ग में दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ गई है। पांचपावली पुलिया टूटने से यहां हमेशा यातायात की स्थिति गंभीर बनी रहती है।

आज तक नहीं मिला मुआवजा

दीपक गुप्ता सहित टिमकी मेन रोड के व्यापारी व नागरिकों के अनुसार वर्ष 2002 में तत्कालीन निगम आयुक्त टी. चंद्रशेखर के कार्यकाल में रोड की चौड़ाई 60 फिट कर दी गई थी जिसका मुआवजा आज तक नागरिक व व्यापारियों को नहीं मिला है। अभी फिर से निर्माण कार्यों के लिए रोड के दोनों ओर से 10-10 फिट जमीन के अधिग्रहण की योजना थी जिसके लिए मार्किंग भी की जा चुकी थी।

विकास के लिए सहयोग करते हुए हम व्यापारी व नागरिकों ने सशर्त अपना सम्मति पत्र केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक प्रवीण दटके और मनपा आयुक्त को सौंपा था। इसके लिए नागरिकों ने पूर्व व वर्तमान में अधिग्रहित की जाने वाली जगह पर वर्तमान व्यावसायिक दर से मुआवजा देने की मांग की थी। जिस पर निगम आयुक्त ने सहमति प्रदान की थी।

कहां देंगे पार्किंग की जगह

परेशान व्यापारियों व नागरिकों का कहना है कि वर्तमान में रोड की चौड़ाई 60 फिट है। लैंडिंग 30 फिट करने से सड़क के दोनों ओर 15-15 फिट जगह बचेगी। इसमें 10 फिट का सर्विस रोड रहेगा, तब पार्किंग के लिए जगह कहां पर देंगे? इस पर प्रश्नचिन्ह लगा हुआ है। इससे समस्या और अधिक गंभीर होने के साथ परेशानी बढ़ेगी। दुर्घटनाएं बढ़ेंगी। इसका जिम्मेदार कौन होगा। इस पर शासन-प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।

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