नागपुर रेलवे स्टेशन पर चोरों का आतंक (AI Generated Image)
GRP Nagpur Station: नागपुर रेलवे स्टेशन पर इन दिनों चोरों की सक्रियता ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि ‘हर कोने में चोर बैठा है’ जैसी कहावत यहां चरितार्थ होती दिखाई दे रही है। वर्ष 2026 की शुरुआत से ही स्टेशन और ट्रेनों में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थिति यह है कि 12 मार्च को ही अलग-अलग स्थानों पर चोरी की 4 घटनाएं सामने आईं।
बिहार के बेथा निवासी मोहम्मद सलाउद्दीन मोहम्मद असलम शेख (33) अहमदाबाद जाने के लिए नागपुर स्टेशन पहुंचे थे। पेशे से व्यापारी सलाउद्दीन ट्रेन की जानकारी लेने के बाद भोजन कर प्लेटफॉर्म-1 के बुकिंग हॉल में बैठ गए। थकान के कारण उन्हें नींद आ गई। शाम करीब 4.05 बजे नींद खुलने पर उनका बैग गायब था। बैग में 8,000 रुपये कीमत का मोबाइल, कपड़े समेत करीब 10,000 रुपये का सामान रखा था।
गुड़गांव, हरियाणा निवासी राहुल पार्थनाथ मुखर्जी (58) पेशे से जर्मनी में प्रोफेसर हैं। भारत आने पर वे सेवाग्राम एक्सप्रेस के ए-1 कोच की सीट नंबर 27 पर नागपुर तक यात्रा कर रहे थे। सफर के दौरान तबीयत खराब होने पर उन्होंने दवा ली और सो गए। सुबह करीब 6 बजे नागपुर स्टेशन पहुंचने पर जब वे उतरने लगे तो सीट से उनका लगभग 40,000 रुपये कीमत का मोबाइल गायब था।
भीमनगर निवासी अमित बब्बू धिमान अपनी मां को ट्रेन नंबर 22175 नागपुर-जयपुर एक्सप्रेस में बैठाने आए थे। उनकी मां एस-1 कोच की सीट नंबर 64 पर बैठी थीं और मोबाइल उनके बैग में रखा था। ट्रेन रवाना होने के करीब 15 मिनट बाद मोबाइल बैग से गायब मिला। किसी अज्ञात व्यक्ति ने अमित की मां की नजर चूकते ही बैग से मोबाइल चोरी कर लिया।
यह भी पढ़ें – ‘बच्चा चोर’ के शक में बुजुर्ग महिला की बेरहमी से की पिटाई, पुलिस जांच में जो सच निकला वो आपको शर्मिंदा कर देगा
जलगांव जिले के निमखेड निवासी मयूर फकीरा पाटिल (24) पुणे जाने के लिए दोपहर करीब 2.30 बजे नागपुर स्टेशन पहुंचे थे। ट्रेन लेट होने के कारण टिकट लेकर वे प्लेटफॉर्म पर रखे लकड़ी के बाकड़े पर बैठ गए और उन्हें नींद आ गई। शाम करीब 6.30 बजे जागने पर उनकी जेब से 15,500 रुपये कीमत का मोबाइल गायब मिला।
उल्लेखनीय है कि नागपुर स्टेशन पर करोड़ों रुपये की लागत से करीब 250 एचडी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनसे निगरानी की जिम्मेदारी आरपीएफ के पास है। इसके बावजूद चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि ये हाईटेक कैमरे केवल घटना के बाद फुटेज जांचने तक ही सीमित रह गए हैं। दूसरी ओर जीआरपी की मौजूदगी के बावजूद चोरों में किसी प्रकार का भय नजर नहीं आ रहा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि स्टेशन पर यात्रियों के जान-माल की सुरक्षा आखिर किसके भरोसे है।