

नागपुर पुलिस की हेल्पलाइन: 9823300100
आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112 पर कॉल करें।
औद्योगिक शोर की शिकायत MPCB से करें।
डीजे और लाउडस्पीकर के शोर की शिकायत पुलिस से करें।
Complaint Helpline For Noise And Firecrackers: सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु और ध्वनि प्रदूषण को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ गई है। त्योहारों के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं और तेज आवाज में डीजे, लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए नागपुर पुलिस ने प्रदूषण संबंधी शिकायतों के लिए 24 घंटे की विशेष हेल्पलाइन शुरू की है। नागरिक इस नंबर पर पटाखों और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों के उल्लंघन की सूचना दे सकते हैं।
नागपुर पुलिस के अनुसार, नागरिक ध्वनि और वायु प्रदूषण से जुड़ी शिकायत 9823300100 पर दर्ज करा सकते हैं। यह हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने पर संबंधित पुलिस स्टेशन को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
पटाखे फोड़ने से नियमों का उल्लंघन होने पर नागरिक आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112 पर भी संपर्क कर सकते हैं। नागपुर में सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने तथा अस्पताल, स्कूल और अदालतों के आसपास के शांत क्षेत्र में आतिशबाजी पर प्रतिबंध की जानकारी भी पुलिस ने दी है।
महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) के अनुसार, औद्योगिक और गैर-औद्योगिक ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों के लिए अलग-अलग एजेंसियां निर्धारित हैं। फैक्ट्री या औद्योगिक इकाई से होने वाले शोर की शिकायत MPCB से की जा सकती है, जबकि डीजे, लाउडस्पीकर और अन्य गैर-औद्योगिक शोर की शिकायत पुलिस विभाग से करनी चाहिए। नागरिक MPCB की वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन शिकायत सुविधा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
शिकायत दर्ज कराते समय घटना का सही पता, समय और शोर के स्रोत की जानकारी देना जरूरी है। संभव हो तो फोटो, वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे प्रमाण भी सुरक्षित रखें। महाराष्ट्र पुलिस के नागरिक पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। शिकायत संबंधित पुलिस स्टेशन को भेजी जाती है और जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता से आगे की जानकारी मांगी जा सकती है।
पटाखे फोड़ते समय निर्धारित नियमों और स्थानीय प्रशासन के आदेशों का पालन करना जरूरी है। तेज आवाज में DJ बजाना, निर्धारित समय के बाद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल और शांत क्षेत्रों में शोर करना दूसरों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। नागरिकों की सतर्कता और समय पर शिकायत से प्रशासन को नियमों का उल्लंघन रोकने में मदद मिल सकती है।