पाकिस्तान देखना था मकसद? नागपुर लौटते ही सुनीता गिरफ्तार, कैसे किया बॉर्डर पार, पुलिस करेगी जांच
कारगिल से सीमा पार करके पाकिस्तान जाने वाली सुनीता जामगड़े को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का मामला दर्ज किया है।
- Written By: आकाश मसने
नागपुर पुलिस की गिरफ्त में सुनीता जामगड़े (सोर्स: साेशल मीडिया)
नागपुर: कारगिल से सीमा पार करके पाकिस्तान गई नागपुर की रहने वाली सुनीता जामगड़े के नागपुर लौटते ही मामले में नया मोड़ आ गया है। कपिलनगर पुलिस ने उसके खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय ने उसे 2 जून तक पुलिस कस्टडी में भी भेज दिया है। इससे यह मामला और गंभीर होता जा रहा है।
प्राथमिक जांच में सुनीता के सीमा पार जाने के पीछे कोई देश विरोधी हरकत तो सामने नहीं आई है लेकिन पुलिस हर दिशा में मामले की जांच करना चाहती है। अब केवल नागपुर पुलिस ही नहीं बल्कि एटीएस और आईबी सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों ने भी सुनीता से पूछताछ की तैयारी कर ली है। 14 मई को वह अपने 13 वर्षीय बेटे को हुंदरमान गांव की एक लॉज में छोड़कर सीमा पार करके पाकिस्तान चली गई थी। उसी दिन पाकिस्तानी रेंजर ने उसे पकड़ लिया था।
23 मई को उसे वाघा बॉर्डर से अमृतसर पुलिस के हवाले किया गया था। इसकी जानकारी मिलने पर कपिलनगर पुलिस थाने से अधिकारी और महिला कर्मचारियों सहित 4 सदस्यीय टीम अमृतसर पहुंची। बुधवार देर रात पुलिस दस्ता सुनीता को ट्रेन से नागपुर ले आया।
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देर रात मजिस्ट्रेट से ली गिरफ्तारी की अनुमति
पूरे प्रकरण की निगरानी कर रहे डीसीपी निकेतम कदम ने बताया कि पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसी द्वारा सुनीता को बीएसएफ के हवाले किया गया था। इसके बाद उसे अमृतसर पुलिस को सौंपा गया। अमृतसर पुलिस ने पहले ही सुनीता के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज किया था। चूंकि वह नागपुर से रवाना हुई थी, इसीलिए वहां शून्य के तहत कार्रवाई कर प्रकरण को नागपुर पुलिस को सौंपा गया। अब कपिलनगर पुलिस आफिशियल सिक्रेट एक्ट के तहत दर्ज मामला की जांच कर रही है।
सुनीता रात 12.30 बजे के दौरान नागपुर पहुंची थी। ऐसे में उसे कस्टडी में लेने से पहले न्यायालय की अनुमति आवश्यक थी। देर रात पुलिस ने मजिस्ट्रेट के घर पर जाकर अनुमति ली और सुनीता को पारडी थाने में स्थित महिलाओं की विशेष सेल में रखा गया। गुरुवार दोपहर उसे दोबारा न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण की जानकारी देते हुए पुलिस ने उसकी कस्टडी रिमांड की मांग की। न्यायालय ने उसे 2 जून तक हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं।
बेटे को बर्फ देखनी थी, उसे पाकिस्तान
प्राथमिक जांच में सामने आया था कि सुनीता पाकिस्तान के किसी जुल्फिकार नामक व्यक्ति के संपर्क में थी। उसके अलावा एक पास्टर भी सुनीता के संपर्क में था। दोनों ही पाकिस्तान के रहने वाले हैं। उन दोनों के बारे में पुलिस सुनीता से पूछताछ कर रही है लेकिन उसके बयान अपने आप में संदेह पैदा कर रहे हैं।
सुनीता ने पुलिस को बताया कि वह मणी (जवाहरात) का व्यापार करना चाहती थी। कभी कहती है कि बेटे को बर्फ देखनी थी, इसीलिए वह कारगिल गई थी। कभी कहती है कि उसे पाकिस्तान देखना था, इसीलिए वह चलती गई और सीमा पार कब गई पता नहीं चला और पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया। कभी कहती है कि वह अस्पताल में काम करने के इरादे से कारगिल गई थी।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- डीसीपी कदम ने बताया कि 14 से 23 मई तक वह पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों के पास थी। इस दौरान क्या-क्या हुआ यह जानकारी लेना आवश्यक है।
- सबसे बड़ा सवाल ये है कि सुनीता ने कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद बॉर्डर पार कैसे और क्यों किया। क्या इस काम में किसी और व्यक्ति ने उसकी मदद की थी।
- एक मां अपने 13 वर्षीय बेटे को होटल में छोड़कर गैर कानूनी तरीके से दूसरे देश कैसे जा सकती है। केवल पाकिस्तान देखने के लिए कोई ऐसा क्यों करेगा।
- पुलिस उसकी एक-एक दिन की गतिविधियों की बारीकी से जानकारी ले रही है। उसके कथन के अनुसार पुलिस मोबाइल का डेटा रिट्रीव करके यह सुनिश्चित करेगी कि वाकई में वह सच कह रही है या नहीं।
- सुनीता के सीमा पार जाने के बाद से उसका बेटा कारगिल की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के संरक्षण में है। वहां कि सीडब्ल्यूसी गुरुवार रात बच्चे को लेकर नागपुर के लिए रवाना होगी। उसे पहले स्थानीय सीडब्ल्यूसी को सौंपा जाएगा।
