पारडी फ्लाईओवर की सड़क का सत्यानाश, उखड़ी गिट्टी, गड्ढों की भरमार, कौन लगाएगा नैया पार
Nagpur: कई इलाकों में बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने के उद्देश्य से शहर के कई हिस्सों में फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। गैर जिम्मेदाराना तरीके से निर्माण के चलते पारडी फ्लाईओवर अब भगवान भरोसे है।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर न्यूज
Pardi Flyover: बारिश के कारण पारडी फ्लाईओवर की सड़क का सत्यानाश हो चुका है। मार्ग पर जगह-जगह गिट्टी उखड़ी हुई देखी जा सकती है। साथ ही बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पूरे मार्ग का यही हाल है। जर्जर हो रही सड़क की मरम्मत के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा। लोगों की सुविधा के लिए किए जा रहे कार्यों की लचर कार्यप्रणाली के चलते हजारों लोगों को कष्ट उठाना पड़ रहा है।
विगत महीनों बने पारडी फ्लाईओवर से रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही रहती है। यहां दोपहिया समेत चौपहिया और बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। ताज्जुब की बात है कि पारडी फ्लाईओवर को बने ज्यादा समय नहीं बीता लेकिन सड़क के हाल दयनीय हो गए हैं। यह प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली का जीता-जागता उदाहरण है।
जान हथेली पर लेकर सफर
राहगीरों का कहना है कि पारडी फ्लाईओवर पर छोटे-बड़े गड्ढे मिलाकर 100 से अधिक गड्ढे हो गए हैं। इसी के साथ जगह-जगह गिट्टी फैली हुई है। गड्ढों और गिट्टी के कारण वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। इससे दोपहिया चालकों को गिरने का खतरा रहता है। ऐसे में चोटिल होने के साथ पीछे से आ रहे वाहन की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है। फ्लाईओवर से गुजरना जान हथेली पर लेकर चलने जैसा हो गया है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा लोगों की जान की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे।
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बाइक चलाकर दिखाएं अधिकारी
पुल की सड़क निर्माण में लचर कार्यप्रणाली और मरम्मत की अनदेखी के चलते राहगीरों समेत स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। बारिश में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका दोगुनी हो गई है। यह दोपहिया चालकों के लिए सर्वाधिक खतरनाक है। लोगों ने अधिकारियों का आह्वान किया है कि वे पारडी पुल बाइक चलाकर तो दिखाएं।
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अधिकतर फ्लाईओवर की दुर्दशा
- निर्माण की धीमी गति, डिजाइन में फॉल्ट और घटिया सामग्री के उपयोग समेत अन्य लापरवाही के चलते अधिकतर फ्लाईओवर लोगों के मुसीबत बने हुए हैं।
- सदर फ्लाईओवर के डिजाइन को लेकर कई बाद मुद्दे उठे। यह लोगों के लिए परेशानी बना हुआ था। आखिरकार इसकी डिजाइन में बदलाव का निर्णय लिया गया।
- अमरावती रोड पर वाड़ी फ्लाईओवर फेज-2 के लिए कई डेडलाइन दी गई। कछुआ गति से हो रहे निर्माण के चलते इसका अभी तक उद्घाटन संभव नहीं हो पाया।
- शांतिनगर क्षेत्र में कावरापेठ रेलवे क्रॉसिंग पर बनाया गया फ्लाईओवर भी सुर्खियों में है। यहां रांग साइड का उपयोग और संकरी टर्निंग को लेकर खतरा बढ़ा हुआ है।
- इसी तरह अन्य फ्लाईओवर पर विविध समस्याओं के कारण सैकड़ों वाहन चालकों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
