नियम दरकिनार, परंपरा बरकरार! नागपुर NMC में 9 सभापतियों को मिलेंगे किराये के वाहन, महीने का बिल आएगा 5 लाख

NMC Standing Committee: नागपुर मनपा में नियमों के खिलाफ सभापतियों को मिलेंगे सरकारी खर्च पर किराये के वाहन। सालाना 60 लाख रुपये का बोझ, स्थायी समिति ने दी मंजूरी।
NMC Standing Committee approves ₹60 lakh annually for rental vehicles for 9 chairpersons despite no legal rule. Controversy erupts over taxpayers' money.
सभापतियों को मिलेगी कार (AI Generated Image)
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NMC Chairperson Luxury: नागपुर महानगर पालिका के कानून में भले ही समितियों के सभापति को वाहन उपलब्ध कराने का नियम न हो, लेकिन 4 वर्ष बाद सत्ता में आते ही परंपरा के नाम पर अब वाहनों के लिए प्रशासन पर दबाव बनाया गया, जिसका परिणाम यह रहा कि प्रशासन की ओर से निजी वाहनों को किराये पर लेने के लिए स्थायी समिति के समक्ष प्रस्ताव भेज दिया गया।

शुक्रवार को प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए स्थायी समिति की ओर से इसे हरी झंडी प्रदान की गई। इस संदर्भ में स्थायी समिति की सभापति ने कहा कि सभापतियों को वाहन न दिया जाए, इसे लेकर कोई नियम नहीं है।

उल्लेखनीय है कि मनपा (NMC) में कई ऐसी समितियां हैं जिन्हें बाहर कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद इन समितियों के सभापति को वाहन देने के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभापतियों में काम करने का जुनून है। भविष्य में इसका लाभ होगा। भले ही 60 लाख का खर्च हो रहा हो, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम दिखाई देंगे।

पहले नामंजूर हो चुका है प्रस्ताव

दस्तावेजों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इससे पहले 2 मार्च 2021 को स्थायी समिति के प्रस्ताव के तहत 10 जोन सभापतियों और विधि (कानून) समिति के सभापति के लिए कुल 11 वाहनों को मंज़ूरी दी गई थी। इसके कुछ समय बाद जुलाई 2021 में चिकित्सा समिति और स्थापत्य एवं प्रकल्प (निर्माण) समिति के सभापतियों को भी वाहन देने का प्रस्ताव स्थायी समिति के समक्ष रखा गया था, लेकिन तब समिति ने इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया था। उल्लेखनीय है कि समितियों के सभापतियों को वाहन उपलब्ध कराने की इसके पूर्व भी कोशिश की गई थी, जिसे लेकर मनपा (NMC) की सभा में भी मुद्दा उठाया गया था। इस मुद्दे को लेकर हंगामा होने के बाद भी अब फिर एक बार वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

NMC विशेष समितियों की सूची

  • स्थापत्य व प्रकल्प (निर्माण और परियोजना)
  • वैद्यकीय सेवा व आरोग्य (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य)
  • विधि (कानून)
  • शिक्षण (शिक्षा)
  • गलिच्छ वस्ती निर्मूलन व घर बांधणी (मलिन बस्ती उन्मूलन और आवास)
  • क्रीड़ा (खेल)
  • महिला व बाल कल्याण (महिला एवं बाल कल्याण)
  • जलप्रदाय (जल आपूर्ति)
  • कर आकारणी व कर संकलन (कर निर्धारण एवं कर संग्रहण)
  • अग्निशमन व विद्युत

5 लाख हर माह का खर्च

वर्तमान में मनपा प्रशासन द्वारा निजी ठेकेदारों के माध्यम से पेट्रोल/डीजल/सीएनजी वाहन किराये पर लिए जाते हैं। इन 10 सभापतियों में से विधि (कानून) समिति के सभापति के पास पहले से ही (मार्च 2021 से) वाहन उपलब्ध है। इसलिए अब केवल शेष 9 सभापतियों के लिए नए वाहनों की मंजूरी का प्रस्ताव रखा गया।

अतिरिक्त घंटों और किलोमीटर के उपयोग को देखते हुए प्रशासन ने एक वाहन का अनुमानित मासिक खर्च 45,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक आंका है। इस हिसाब से 9 सभापतियों के लिए वाहनों का कुल मासिक खर्च लगभग 5 लाख रुपये और सालाना खर्च लगभग 60 लाख रुपये होने का अनुमान है।

  • मासिक किराया (24/25 दिनों के लिए) : 28,000 रुपये
  • प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक उपयोग पर : 100 रुपये प्रति घंटा
  • प्रतिमाह 1800 किमी से अधिक चलने पर : 10 रुपये प्रति किलोमीटर
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