प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Property Tax Bribe Nagpur: नागपुर महानगरपालिका के कार्यालयों में दलालों के माध्यम से रिश्वतखोरी की जा रही है। इसका उदाहरण मंगलवार की रात एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा की गई कार्रवाई से देखने को मिला। पहले मनपा में ही आउटसोर्स की गई कंपनी के पूर्व कर्मचारी की मदद से हनुमाननगर जोन का राजस्व निरीक्षक घूसखोरी कर रहा था। दोनों को एसीबी की टीम ने रंगेहाथ दबोचा। न्यायालय ने उन्हें 1 दिन की कस्टडी मंजूर की।
पकड़े गए आरोपियों में राजस्व निरीक्षक प्रमोद वसंतकुमार मोगरे (50) और दलाल राकेश नरेंद्र दोड़के (34) का समावेश है। प्रमोद की नियुक्ति हनुमाननगर जोन में है। राकेश दिनभर उसी के साथ रहता है। प्रमोद का अधिकांश काम वही संभालता है।
शिकायतकर्ता ने रामेश्वरी परिसर में एक फ्लैट खरीदा था। फ्लैट का टैक्स अपने नाम पर करवाने के लिए शिकायतकर्ता ने हनुमाननगर जोन कार्यालय में दस्तावेजों के साथ आवेदन दिया था। इसका वेरिफिकेशन प्रमोद और राकेश ने मिलकर किया। कुछ दिन पहले राकेश ने शिकायतकर्ता को फोन किया और फ्लैट पर सालाना 4,500 रुपये टैक्स लगने की जानकारी दी। उसने टैक्स कम करके 18,00 रुपये करने की एवज में खुद और प्रमोद के लिए 3,500 रुपये की रिश्वत मांगी।
शिकायतकर्ता ने एसीबी को लिखित शिकायत दी। वेरिफिकेशन के दौरान आरोपी 3,000 रुपये लेने पर मान गए। मंगलवार की शाम नागपुर मनपा के हनुमाननगर जोन कार्यालय में जाल बिछाया गया। राकेश ने प्रमोद के निर्देशानुसार शिकायतकर्ता से 3,000 रुपये लिए और एसीबी की टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। दोनों के खिलाफ हुड़केश्वर थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया।
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बुधवार को एसीबी ने दोनों को नागपुर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उन्हें एक दिन की कस्टडी में रखने के आदेश दिया। इंस्पेक्टर विवेक पड़धान, हेड कांस्टेबल कांचन गुलबासे, कांस्टेबल विकेश राऊत, सचिन किन्हेकर और प्रिया नेवारे ने कार्रवाई को अंजाम दिया।