महिला आरक्षण पर सियासत गरम: नाना पटोले का बीजेपी पर पलटवार, ‘अब पाप का अंत शुरू’
Manipur Issue Politics: नाना पटोले ने महिला आरक्षण मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधते हुए मणिपुर और सामाजिक न्याय के सवाल उठाए, कहा- कांग्रेस का विरोध मनुवाद से है।
- Written By: अंकिता पटेल
महिला आरक्षण विवाद( सोर्स: सोशल मीडिया )
Women Reservation Bill: नागपुर महिला आरक्षण पर भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोपों पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने पलटवार करते हुए कहा कि मणिपुर घटना पर प्रधानमंत्री बोलते नहीं हैं और महिला सम्मान की बातें करते हैं। भटक्या समाज की महिलाओं का अपमान किया गया।
महिला आरक्षण के नाम पर लाए गए संशोधन विधेयक के फेल हो जाने से अब भाजपा के पाप का अंत शुरू हो गया है। इसलिए कांग्रेस ने जश्न मनाया। वे नागपुर में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के विरोध में जाने वालों का विरोध करना कांग्रेस की भूमिका रही है। वर्ष 2023 में विधेयक मंजूर करने की भूमिका कांग्रेस ने ली थी।
उस समय जनगणना कर सीटें बढ़ाने की बात कही गई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि मनुवाद लाने के लिए भाजपा जो प्रयास कर रही है, उसे विफल किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि हमारा महिला आरक्षण को विरोध नहीं है। ओबीसी और अनुसूचित जाति की महिलाओं का विरोध करना महिलाओं का अपमान है। हमारा विरोध मनुवाद से है।
नेताओं पर मामला क्यों नहीं पटोले ने सवाल किया कि अशोक खरात मामले में राजनीतिक लोगों पर कैस क्यों दर्ज नहीं हुए? भाजपा ने प्रवक्त्ता रखे, उनके पास सीडीआर पहुंचता है लेकिन अपराध दर्ज नहीं होता, खरात का एपस्टीन जैसा अंत होगा, उसे मार दिया जाएगा।
उसकी पत्नी नहीं मिल रही है। इससे गृह मंत्रालय के कमजोर होने का संकेत मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा किस धर्म को पकड़कर राजनीति करती है या किस समाज को निशाना बनाती है, यह सबको पता है।
कांग्रेस कभी ऐसी गंदी राजनीति में नहीं पड़ती। राणा को बनाया जा रहा निशाना उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद नवनीत राणा शायद अब भाजपा को पसंद नहीं है। इसलिए उन्हें कैसे निशाना बनाया जाए, इसके प्रवास चल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राहुल गांधी पर 35 मामले दर्ज है। उन्हें हमेशा निशाना बनाने का काम मोदी सरकार ने किया है, उन्हें फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। वे सरकार के खिलाफ न बोले, इसके लिए मोदी सरकार दबाव की राजनीति कर रही है।
राजस्व मंत्री चंद्रेशखर बावनकुले ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कांग्रेस द्वारा विरोध किये जाने पर जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक है और विकसित भारत 2047 के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है लेकिन इस विधेयक का विरोध करके कांग्रेस ने महिलाओं का अपमान किया, कांग्रेस द्वारा मनाया गया जश्न महिलाओं के सम्मान पर हमला है।
वे नागपुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण विधेयक) के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में इस विधेयक का विरोध कर कांग्रेस ने एक बार फिर महिलाओं के खिलाफ अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी 1996 से विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में कांग्रेस ने ऐसे प्रयासों का विरोध किया था।
देश की करोड़ों महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलने का अवसर कांग्रेस ने नकारा। कांग्रेस द्वारा विधेयक के बाद मनाए गए जश्न पर कहा कि यह जश्न महिलाओं के सम्मान पर हमला है। यह विषय राजनीति का नहीं, बल्कि महिला सम्मान का है। आने वाले चुनावों में महिला मतदाता इसका निश्चित हिसाब करेंगी।
निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन होता प्रभावी
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन कर जनप्रतिनिधियों को अधिक प्रभावी बनाना था, बड़े निर्वाचन क्षेत्रों को छोटा कर नागरिकों को अपने सांसदों से सीधे संपर्क का अवसर देना उद्देश्य था लेकिन विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका।
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ओबीसी और अन्य वर्गों के संदर्भमें कहा कि इस विधेयक से ओबीसी, एससी, एसटी तथा अन्य वर्गों का प्रतिनिधित्व बढ़ने की संभावना थी, विपक्ष पर उन्होंने जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
