Nagpur Municipal Power Expenditure: नागपुर शहर में बिजली की खपत और उसके भारी-भरकम बिलों को लेकर एक चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। शहर के विभिन्न डिवीजनों के मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक के बिजली बिल भुगतान की विस्तृत रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि मनपा की लचर कार्यप्रणाली के चलते नागरिक सुविधाओं को सुचारु रखने के नाम पर बिजली के तहत करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं।
स्ट्रीट लाइट, ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल और वाटर पंपों के संचालन पर होने वाले इस भारी खर्च में सिविल लाइंस, महल और कांग्रेसनगर जैसे पॉश और प्रमुख इलाके सबसे आगे हैं।
सरकारी कार्यालयों और वीआईपी आवासों वाले सिविल लाइंस क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट्स का खर्च पूरे शहर में सर्वाधिक है। आंकड़ों के मुताबिक केवल मार्च महीने में ही सिविल लाइंस का स्ट्रीट लाइट बिल 99,79,152 (लगभग 1 करोड़ रुपये) था। यहां हर महीने का औसत बिल 70 लाख से 85 लाख रुपये के बीच आ रहा है जो शहर के किसी भी अन्य हिस्से से कहीं ज्यादा है।
शहर के सबसे पुराने और व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में शुमार महल और गांधीबाग में भी बिजली की भारी खपत हो रही है। महल डिवीजन में मार्च के महीने में स्ट्रीट लाइट का बिल 78,30,820 और वाटर पंप का बिल 3,49,050 रहा।
इसी तरह गांधीबाग में स्ट्रीट लाइट का बिल 40,17,605 और वाटर पंप का बिल 1,90,175 दर्ज किया गया। वाटर पंपों पर खर्च के मामले में महल क्षेत्र सबसे आगे नजर आता है जहां भारी मात्रा में पानी की आपूर्ति और निकासी के लिए पंपों का उपयोग हो रहा है।
प्राप्त दस्तावेजों और वार्षिक भुगतान रिपोर्ट के अनुसार शहर भर में केवल स्ट्रीट लाइट्स का कुल वार्षिक बिजली बिल 29,40,31,388 (लगभग 29.40 करोड़ रुपये) दर्ज किया गया है।
इसके साथ ही ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल्स (एटीएस) का कुल बिल 25,81,724 (25.81 लाख रुपये) और शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे वाटर पंपों का बिल 67,36,789 (लगभग 67.36 लाख रुपये) तक पहुंच गया है।
यदि बिजली खपत की बात करें तो पूरे साल में स्ट्रीट लाइट्स ने 2,84,50,252 यूनिट्स, एटीएस ने 2.18,661 यूनिट्स और वाटर पंप्स ने 6,63,565 यूनिट्स बिजली की खपत की है।
कांग्रेसनगर डिवीजन का डेटा बताता है कि यहां मार्च महीने में स्ट्रीट लाइट पर 52,02,967 खर्च हुए, हालांकि इस इलाके की सबसे खास बात ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल्स (एटीएस) का बिल है, कांग्रेसनगर में ट्रैफिक सिग्नल्स का प्रतिमाह बिल 1 लाख से 1.5 लाख रुपये के आसपास है (जैसे मार्च में 1,13.520 और मई में 96,730), जो यह दर्शाता है कि इस जोन में प्रमुख यातायात चौराहों पर भारी बिजली खपत हो रही है।