मनपा चुनाव पर मंडराया संकट! आरक्षण 50% से पार, आपत्तियों की बाढ़ से फंसा पूरा मामला

Division Reservation Dispute: नागपुर मनपा चुनाव में प्रभाग आरक्षण 50% से अधिक होने पर आपत्तियां दर्ज होने लगीं। ओबीसी को एक सीट कम मिलने पर विवाद बढ़ा, प्रशासन के लिए स्थिति जटिल।
Division Reservation Dispute: नागपुर मनपा चुनाव में प्रभाग आरक्षण 50% से अधिक होने पर आपत्तियां दर्ज होने लगीं। ओबीसी को एक सीट कम मिलने पर विवाद बढ़ा, प्रशासन के लिए स्थिति जटिल।
मनपा चुनाव (फाइल फोटो)
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50% Reservation Limit Cross: कानून और नियमों के अनुसार आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत तय कर दी गई है। इससे अधिक आरक्षण नियमों के विपरीत होगा। स्थानीय निकायों के कुछ वर्ग में यह आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक होने के कारण अब मामला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन चला गया है।

इसी तरह से हाल ही में महानगर पालिका के चुनावों को लेकर निकाली गई आरक्षण की लॉटरी के बाद यहां भी आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक होने जा रहा है। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मंगाई जा रही आपत्ति और सुझावों में इसी मुद्दे को लेकर कुछ आपत्तियां आने लगी हैं।

पेंच फंसने के आसार

हालांकि आपत्ति और सुझाव मंगाने को लेकर 3 दिन ही हुए हैं कि लगातार इस संदर्भ में आपत्तियां दर्ज होने के कारण मनपा चुनाव को लेकर पेंच फंसने के आसार दिखाई दे रहे हैं। नियमों के अनुसार लोगों की ओर से दर्ज आपत्तियों पर प्रशासन को सुनवाई भी करनी है। ऐसे में प्रभाग के आरक्षण आपत्तियों से निपटना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित होने जा रही है।

6 सीटें अधिक आरक्षित

  • मनपा में कुल 151 सीटों पर होगा चुनाव
  • अनुसूचित जाति के लिए 30 सीटों का हुआ आरक्षण
  • अनुसूचित जनजाति के लिए 12 सीटों का हुआ आरक्षण
  • ओबीसी वर्ग के लिए 40 सीटों की निकाली गई लॉटरी
  • कुल 82 सीटों पर तय हुआ आरक्षण
  • नियमों के अनुसार केवल 76 सीटों पर हो सकता है आरक्षण

ओबीसी की सीट कम होने पर भी कड़ी आपत्ति

एक ओर जहां नियमों में निर्धारित आरक्षण के अनुपात से अधिक सीटें आरक्षित किए जाने पर आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं वहीं दूसरी ओर से ओबीसी आरक्षण के लिए एक सीट कम किए जाने पर भी इस वर्ग की ओर से आपत्ति दर्ज की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुसार ओबीसी को 27 प्रतिशत का आरक्षण तय किया गया। 151 सीटों में 27 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार कुल 40.77 सीटें होती हैं।

इसके पूर्व के नियमों के अनुसार इस तरह की स्थिति होने पर 40.77 को 41 माना जाता रहा है किंतु राज्य सरकार की ओर से अब ऐसी स्थिति के लिए नए नियम तय किए गए हैं। इसके अनुसार पूर्णांक को लिया जा रहा है। अत: ओबीसी के लिए केवल 40 सीटों का आरक्षण तय किया गया। ऐसे में एक सीट कम होने के कारण अब इसे लेकर भी आपत्ति दर्ज हुई है।

निर्देशों का कर रहे हैं पालन

मनपा प्रशासन का मानना है कि उनकी ओर से किसी भी तरह की नई प्रणाली नहीं अपनाई जा रही है। केवल राज्य चुनाव आयोग या फिर राज्य सरकार की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन किया जा रहा है। आरक्षण प्रणाली के लिए जो नियम निर्धारित करके दिए गए थे उन्हीं निर्देशों का पालन किया गया है।

ऐसे में अब इस समस्या के लिए राज्य सरकार को ही हल खोजना होगा। अधिकारियों का मानना है कि निश्चित ही आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता है लेकिन मनपा में निकली लॉटरी इससे अधिक आरक्षण दर्शा रही है। इसलिए यह मसला जटिल होता जा रहा है।

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