मां को इलाज के लिए नागपुर ले जा रहा था बेटा, भीषण सड़क हादसे में दोनों की दर्दनाक मौत!

Nagpur Kuhi Road Accident: कुही-नागपुर मार्ग पर नवरगांव फाटा के पास बोलेरो पिकअप की टक्कर से इलाज के लिए नागपुर जा रहे मां-बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक है।
Son was taking his mother to Nagpur for treatment; both died tragically in a horrific road accident!
कुही सड़क हादसा मां-बेटे की मौत (सोर्स- नवभारत डिजाइन फोटो)
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Mother Son Road Accident: मां को इलाज के लिए बाइक पर बिठाकर नागपुर जा रहे बेटे को रास्ते में ही नियति ने छीन लिया। कुही-नागपुर मुख्य मार्ग पर नवरगांव फाटा स्थित दाल मिल के सामने गुरुवार सुबह करीब 8:45 बजे तेज रफ्तार बोलेरो पिकअप ने सामने से बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

इस दर्दनाक हादसे में मां और बेटे की मौत हो गई। घटना के बाद मेंढेगांव सहित पूरे कुही तहसील में शोक की लहर फैल गई है। हादसे में सत्यफुला मुरलीधर ठाकरे और उनके बेटे दिनेश मुरलीधर ठाकरे मेंढेगांव, तहसील कुही निवासी की मौत हो गई।

इलाज के लिए जा रहे मां-बेटे की सड़क हादसे में मौत

दिनेश अपनी मां सत्यफुला ठाकरे के इलाज के लिए उन्हें बाइक से नागपुर लेकर जा रहे थे। इसी दौरान नवरगांव फाटा के पास उनकी बाइक क्र. एमएच 40 बीवी 7128 को सामने से आ रही बोलेरो पिकअप क्र. एमएच 34 एबी 4683 ने जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही कुही पुलिस मौके पर पहुंची। सहायक पुलिस निरीक्षक हरिचंद्र इंगोले ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों घायलों को कुही ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

4 साल की बेटी और एक माह का बेटा है

पुलिस के अनुसार बोलेरो पिकअप चालक शशांक देशराज लोखंडे (37) विरखंडी, तहसील कुही निवासी वाहन को तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था। इसी कारण यह दुर्घटना होने का आरोप है। हादसे के बाद चालक मौके से फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन नागरिकों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और कुही पुलिस के हवाले कर दिया।

इस संबंध में कुही पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच कुही पुलिस कर रही है। इस दर्दनाक हादसे की सबसे पीड़ादायक बात यह है कि दिनेश ठाकरे अपने पीछे चार साल की मासूम बेटी और केवल एक माह पहले जन्मे बेटे को छोड़ गए है।

मां के इलाज के लिए घर से निकला बेटा खुद मां के साथ हमेशा के लिए दुनिया से चला गया। एक ही पल में परिवार के दो सदस्यों की मौत से ठाकरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया है।

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