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Nagpur Katol Tiger Corridor: कई महीनों से अटके नागपुर-कटोल राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य को अब गति मिलने के संकेत हैं। वन्यजीव संरक्षण और टाइगर कॉरिडोर से जुड़ीं आपत्तियों के कारण रुके इस प्रकल्प पर उच्च न्यायालय की कड़ी फटकार के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नई समयसीमा तय कर दी है। काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर चंद्रकांत सिन्हा द्वारा दायर हलफनामे के अनुसार कार्य में देरी करने वाले ठेकेदारों को 60 दिन की ‘डिफेक्ट करेक्शन’ नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर संबंधित ठेकेदारों के खर्च पर दूसरी एजेंसी से काम पूरा कराया जाएगा। कटोल शहर के बाहर 12 किमी लंबे ग्रीन फील्ड बाईपास के लिए वन्यजीव संस्थाओं के मार्गदर्शन में नई व्यवस्थाएं की जा रही हैं। साथ ही राजमार्ग के डिजाइन में वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बदलाव किए गए हैं।
नागपुर न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोड़े की खंडपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि भविष्य में हलफनामे में दी गई जानकारी गलत पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई और अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। राजमार्ग का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति प्रस्तुत करने पर अदालत ने एड। अश्विन देशपांडे, ए. वी. पांडे और ईशा ठाकरे की समिति की सराहना की।
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