Nagpur News: 'काम में कोताही तो नौकरी से छुट्टी', पुलिस आयुक्त का नया फरमान, एमआईडीसी के 3 अधिकारी निलंबित

थानों में तैनात कुछ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतते पाए गए, जिसे लेकर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र कुमार सिंगल ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़े कदम उठाए हैं।
'काम में कोताही तो नौकरी से छुट्टी'
'काम में कोताही तो नौकरी से छुट्टी' (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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नागपुर: शहर में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं पुलिस के लिए सिरदर्द बनती जा रही हैं। हत्याओं समेत गंभीर अपराधों की वारदातें सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच थानों में तैनात कुछ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतते पाए गए, जिसे लेकर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र कुमार सिंगल ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़े कदम उठाए हैं।

पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए साफ किया है कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासतौर पर कपिलनगर और अंबाझरी थानों के डीबी दल की निष्क्रियता सामने आने पर दोनों थानों के डीबी दल को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं इसी के साथ एमआईडीसी थाना के 3 उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।

नियमित गश्त

पिछले कुछ महीनों में शहर में हत्या जैसे गंभीर अपराधों में इजाफा हुआ है। 19 अप्रैल को कपिलनगर थाना क्षेत्र के म्हाडा कॉलोनी चौक में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या और 16 मार्च को अंबाझरी थाना क्षेत्र के पांढराबोड़ी में हत्या की घटना और 15 अप्रैल को धरमपेठ के एक कैफे संचालक की गोली मारकर हत्या की गई। इन सभी मामलों में संबंधित थानों के डीबी दल की निष्क्रियता सामने आई है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि थानों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को हर गतिविधि की जानकारी रखनी होगी और नियमित गश्त कर अपराधियों में भय का माहौल बनाना होगा। महाराष्ट्र की अन्य सभी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पुलिस आयुक्त की औचक जांच में खुली पोल

पुलिस आयुक्त ने एमआईडीसी थाना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि 3 उपनिरीक्षक बिना वैध कारण के लगातार छुट्टियों पर थे और उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कोई प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद, पुलिस आयुक्त ने उपनिरीक्षक निशा दिलीप गवळी, महेश शिवाजी पवार और वैशाली केशव सोळंके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही, सभी थानेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार छुट्टी पर रहने वाले कर्मचारियों की सूची पुलिस आयुक्त कार्यालय को भेजें। भविष्य में भी लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अपराध को गंभीरता से लिया जाए

पुलिस आयुक्त ने कहा है कि कोई भी अपराधी पुलिस की पकड़ से बच नहीं पाएगा। नागरिकों की सुरक्षा पुलिस का प्रथम कर्तव्य है। हर अपराध को गंभीरता से लिया जाएगा। सभी थानों के डीबी दलों का मूल्यांकन किया जाएगा और उन्हें जनता के बीच जाकर अपराध और अपराधियों से जुड़ी समस्याएं समझनी होंगी। इस कड़ी कार्रवाई से पुलिस विभाग में एक नई चेतना आई है और अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश मिला है। काम में लापरवाही करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं होगी।

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