Nylon Manja Ban: कार्रवाई का जिला-वार हिसाब दो, Nagpur High Court ने Police-NMC को दिया सख्त आदेश
हाई कोर्ट ने नायलॉन मांजे के उपयोग और बिक्री पर पुलिस और मनपा से कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा मांगा। जुर्माना और कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
Nagpur News In Hindi: प्रतिबंधित नायलॉन मांजा के इस्तेमाल और इसकी बिक्री को लेकर न्यायाधीश अनिल किल्लोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने पुलिस विभाग और महानगरपालिका को जिला अनुसार इस मामले में की गई कार्रवाई की ठोस जानकारी प्रस्तुत करने का सख्त आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि कार्रवाई के लेखाजोखा में किस जिले में किस अधिकारी के नेतृत्व में कितनी कार्रवाई की गई, कितना जुर्माना वसूला गया और कितने मामले दर्ज किए गए इसकी परिपूर्ण जानकारी दी जाए।
मौखिक जानकारी से संतुष्ट नहीं कोर्ट सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने मौखिक रूप से अदालत को बताया कि अब तक 28 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। हालांकि अदालत ने इस मौखिक जानकारी को पर्याप्त नहीं माना और आदेश दिया कि केवल बातों से काम नहीं चलेगा बल्कि पूरी कार्रवाई का एक विस्तृत चार्ट पेश किया जाए।
कोर्ट ने राज्य सरकार को एक सप्ताह का समय प्रदान कर हलफनामा के साथ जानकारी प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। जजों ने खुद देखी पतंगबाजी। पिछली सुनवाई के दौरान जजों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि उन्होंने स्वयं हाई कोर्ट परिसर के पास ही नायलॉन मांजे से पतंग उड़ते हुए देखी थी। अदालत ने नायलॉन मांजा का उपयोग करने वालों के लिए जुर्माना राशि 50000 से घटाकर 25000 रुपये निश्चित की है, जबकि मांजा बेचने वालों पर 2.5 लाख रुपये का भारी जुर्माना बरकरार रखा है।
सम्बंधित ख़बरें
चोरी के शक में विवाद, नागपुर के हिवरीनगर में भाई बना भाई का कातिल, लोहे की रॉड से हत्या; आरोपी गिरफ्तार
10 दिन में चौथा झटका मिडिल ईस्ट तनाव का असर? नागपुर में ईंधन कीमतों से बढ़ी टेंशन
साधारण शुरुआत, वैश्विक पहचान…रक्षा आत्मनिर्भरता में योगदान, नागपुर के सत्यनारायण नुवाल को पद्मश्री सम्मान
Nagpur Weather: नागपुर में 44° C की झुलसाने वाली लू, ऑरेंज अलर्ट ने बढ़ाई चिंता, जानें आज मौसम का हाल
सुनवाई के दौरान मनपा की ओर से पैरवी कर रहे अधि. जैमिनी कासट ने स्पष्ट किया कि उनके पास पुलिस विभाग की तरह कार्रवाई करने के पूर्ण अधिकार नहीं हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने मनपा और पुलिस विभाग को अलगअलग हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अधि. रवि सन्याल और सरकार की ओर से अधि. शिशिर उके ने पैरवी की।
