नागपुर में ठगी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Fake Central Ministry Official: नागपुर में खुद को केंद्रीय मंत्रालय का निजी सचिव और सहायक बताकर ठगों की एक गैंग ने सरकारी नौकरी, गैस एजेंसी और गोदाम दिलाने का झांसा देकर 5 लोगों को 1.94 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। यह मामला बेलतरोड़ी थाने में सामने आया। पुलिस ने उज्ज्वल सोसाइटी, नरेंद्रनगर निवासी नामदेव विश्वनाथ कड़ू (64) की शिकायत पर मामला दर्ज किया।
आरोपियों में मुलताई, बैतूल निवासी रामचंद्र मेहपत पाटिल (36), ग्वालियर निवासी देवेंद्र भार्गव (55), सागर, मध्य प्रदेश निवासी शिवम संतोषकुमार सेन (35) और लखनऊ निवासी योगेश मिश्रा (61) का समावेश है। नामदेव व्यवसायी हैं और पड़ोस में रहने वाले एक रिश्तेदार के जरिए उनका परिचय रामचंद्र पाटिल से हुआ था। पाटिल ने बताया कि वह केंद्रीय मंत्री के पीए का सहायक है।
उसने नामदेव को देवेंद्र भार्गव से मिलवाया और बताया कि वह केंद्रीय मंत्रालय में मंत्री का सचिव है। भार्गव ने उन्हें बताया कि केंद्रीय मंत्रालय के अधीन आने वाले रेलवे, आयकर, पुरातत्व विभाग, नीति आयोग, एफसीआई और अन्य विभागों में उसका अच्छा परिचय है। इन विभागों में वह किसी की भी नौकरी लगवा सकता है।
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इसके अलावा यदि किसी को गैस एजेंसी, पेट्रोल पम्प या सरकारी गोदाम चाहिए तो वो भी मिल जाएगा, लेकिन इसके लिए पैसा खर्च करना होगा। आरोपियों की बड़ी-बड़ी बातों में नामदेव फंस गए। उन्होंने अपने बेटे और बेटी को केंद्र सरकार की नौकरी दिलाने के लिए आरोपियों को 75 लाख रुपये दिए। नामदेव ने इस बारे में अपने रिश्तेदारों को भी बताया।
4 रिश्तेदारों ने भी नौकरी और बड़े टेंडर पाने के लिए आरोपियों को रकम दी। कुल 1.94 करोड़ रुपये लेने के बाद आरोपियों ने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र और टेंडर के दस्तावेज दिए। इन दस्तावेजों पर सरकारी कार्यालयों के स्टैंप भी लगे थे। संबंधित दस्तावेजों की जांच करने पर धोखाधड़ी का पता चला। आरोपी पैसे लौटाने में भी आनाकानी करने लगे। परेशान नामदेव ने प्रकरण की शिकायत पुलिस से की। नागपुर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है।