नागपुर DPC में सदस्यता की दौड़ तेज; 1200 करोड़ निधि पर नजर, बावनकुले की गोपनीय सूची CM को भेजी

नागपुर में डीपीसी सदस्यता के लिए महायुति में शामिल दलों के पदाधिकारी जोर लगा रहे हैं।
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Nagpur DPC Membership News: चुनावी प्रक्रिया पूरी होते ही अब जिला नियोजन समिति (डीपीसी) में सदस्यता को लेकर सत्ताधारी महायुति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट) के पदाधिकारी व कार्यकर्ता नियुक्ति के लिए जोरदार प्रयास में जुट गए हैं।

जिले को इस वर्ष डीपीसी के माध्यम से लगभग 1200 करोड़ रुपये की निधि मिलने से इस समिति का महत्व और बढ़ गया है। हालांकि जिले के सभी विधायक डीपीसी में विशेष आमंत्रित सदस्य होते हैं, लेकिन वास्तविक संचालन 20 सदस्यीय लघुगट के हाथों में रहता है, जिसकी नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है। इसी लघुगट में जगह पाने के लिए राजनीतिक गलियारों में सक्रिय लॉबिंग शुरू हो गई है।

पालकमंत्री ने सौंपी गोपनीय सूची

सूत्रों के अनुसार, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने संभावित सदस्यों की एक गोपनीय सूची मुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंप दी है। इस सूची में जिले के कई प्रमुख नाम शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें विधायक आशीष देशमुख, पूर्व विधायक सुधाकर कोहले, राजीव पोतदार, अनिल निधान, धनंजय बापट, संदीप सरोदे, शिरीष मेश्राम, आदर्श पटले, उकेश चव्हाण और गज्जू यादव जैसे नाम चर्चा में हैं। शहर से जुड़े नामों को लेकर फिलहाल गोपनीयता बरती जा रही है।

सहयोगी दलों से भी सिफारिशें

महायुति के सहयोगी दलों ने भी अपने-अपने दावेदारों के नाम आगे बढ़ाए हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से लगभग 6 नामों की सूची भेजे जाने की जानकारी है, जिनमें राजेन्द्र हरणे, सूरज गोजे और अनिता जाधव शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट) की ओर से बाबा गूजर, अनिल अहिरकर और नरेश अरसड सहित 5 नामों की सिफारिश की गई है।

फिलहाल सभी दावेदार अपने-अपने स्तर पर शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच बनाने में जुटे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि डीपीसी के इस महत्वपूर्ण लघुगट में किसे मौका मिलता है और किसकी राजनीतिक ‘फील्डिंग’ सफल होती है।

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