Nagpur: वाराणसी-पुणे को अमृत भारत; नई ट्रेन से खुशी, पर नागपुर यात्रियों की मांग अधूरी
Nagpur to Varanasi Train Demand: हडपसर-वाराणसी अमृत भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन से खुशी के बीच नागपुर-वाराणसी सीधी ट्रेन की पुरानी मांग फिर तेज हो गई। विदर्भ के यात्रियों में उपेक्षा को लेकर नाराजगी है।
- Written By: अंकिता पटेल
अमृत भारत एक्सप्रेस.(प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Amrit Bharat Express Launch: नागपुर रेलवे बोर्ड द्वारा घोषित पुणे के हडपसर स्टेशन और वाराणसी के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस का 28 अप्रैल को वाराणसी से उद्घाटन किया जायेगा। निश्चित तौर पर इससे पश्चिम महाराष्ट्र के लाखों उत्तर भारतीयों में खुशी की लहर है। दूसरी तरफ, विदर्भके लाखों उत्तर भारतीयों के चेहरे पर एक बार फिर मायूसी है क्योंकि उनकी नागपुर और प्रयागराज या वाराणसी के बीच सीधी ट्रेन की वर्षों पुरानी मांग अभी तक दरकिनार कर रखी गई है।
2 नये रूट तैयार, इटारसी जाने की जरूरत ही नहीं
एक समय था जब नागपुर से उत्तर भारत को जोड़ने वाली ट्रेनें केवल इटारसी होते ही चलाई जा सकती थीं। नागपुर से इटारसी और यहां से उत्तर भारत को जोड़ने वाले रूट पर ट्रैक की ऑक्यूपेंसी हमेशा ही 100 प्रतिशत से अधिक रही है। यही कारण है कि रेलवे हमेशा ऑक्यूपेंसी को अधिकता की बात कहकर नागपुर से प्रयागराज या वाराणसी के लिए सीधी ट्रेन सेवा को नक्कारती रही लेकिन अब नागपुर (इतवारी) से उत्तर भारत को जोड़ने वाले 2-2 नये रूट उपलब्ध हैं। इसके बावजूद रेलवे ध्यान नहीं दे रही।
पहला रूट
- नागपुर-गोंदिया
- बालाघाट-नैनपुर
- जबलपुर-वाराणसी
दूसरा रूट
- नागपुर (इतवारी)
- छिंदवाड़ा-सिवनी
- नैनपुर-जबलपुर-वाराणसी
1,000 किमी से भी कम दूरी 16-19 घंटों में सफर भी पूरा
उल्लेखनीय है कि पुणे और बनारस के बीच चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस को इटारसी के बाद नर्मदापुरम, रानी कमलापति, बीना, झांसी, औरई, गोविंदपुरा, फतेहपुर, प्रयागराज होते वाराणसी तक चलाया जाएगा, जबकि इटारसी से जबलपुर होते हुए प्रयागराज, वाराणसी रूट छोटा है।
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उक्त अमृत भारत करीब 1810 किमी का सफर 32 घंटी से अधिक समय में पूरा करेगी, दूसरी तरफ, नागपुर से दोनों नये रूट पर कराणसी के बीच की दूरी 1000 किमी भी पार नहीं करती। इन रूट पर कुल दूरी की यदि 50 किमी प्रति घंटे की औसत रपत्तार से भी पार किया जाये जो अधिकतम 16 से 17 घंटों में सफर पूरा किया जा सकता है।
- पहला रूट वाया गोदिया, बालाघाट, नैनपुर 887 किमी (17-18 घंटे)
- दूसरा रूट वाया छिंदवाडा, सिवनी, नैनपुर 922 किमी (18-19 घंटे) (सभी दूरी 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पूरी करने पर)
हमारे नेताओं को कोई लेना-देना नहीं
खास बात है कि लोगों में अब अपने ही नेताओं के खिलाफ रोष भी पनपने लगा है क्योंकि पुणे से बनारस ट्रेन की मांग सांसद व कैबिनेट मंत्री मुरलीधर मोहोल ने की थी और इसे स्वीकार भी कर लिया गया।
मोहोल केन्द्र सरकार में नागरिक विमानन एवं सहकारिता राज्य मंत्री है। उनहोंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पुणे और वाराणसी के बीच सीची ट्रेन सेवा के तौर पर अमृत भारत एक्सप्रेस की माग की थी।
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यह बात और है कि नागपुर और विदर्भ के बाद पास भी बड़े-बड़े दिग्गज नेता उपलब्ध है, फिर भी कभी भी किसी नेता की तरफ से नागपुर और वाराणसी के बीच ट्रेन के लिए रेल मंत्री को किसी ने चिट्टी नहीं लिखी गई, जैसे इन नेताओं की जनता की वर्षों पुरानी मांग से कोई लेना-देना ही नहीं।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से सतीश दंडारे की रिपोर्ट
