

Nagpur Dam Water Level Update: इस मानसून की शुरुआत बहुत ही कमजोर हुई। जून महीने में बारिश कम होने के चलते नागपुर जिले के बड़े, मध्यम व छोटे बांधों में जल स्तर काफी कम हो गया था लेकिन अब लगातार बारिश के चलते बांधों का जल संग्रह बढ़ने लगा है। जल संपदा विभाग से मिली जानकारी अनुसार 23 जुलाई के दिन जिले के बड़े जल प्रकल्पों यानी बांधों में 57 प्रतिशत से अधिक जल संग्रह हो चुका है।
हालांकि यह बीते वर्ष के इस तारीख के स्टाॅक से कुछ कम है। बीते वर्ष बड़े बांध 64 फीसदी भर गए थे। इस वर्ष तोतलाडोह 60.72 प्रतिशत भर चुका है। बीते वर्ष इस तारीख तक 64.25 फीसदी भरा था। नवेगांव खैरी का जल स्तर 74.09 प्रतिशत पर है, पिछले वर्ष यह 91.08 फीसदी था। खिंडसी डेम की इस वर्ष की स्थिति 64.32 प्रतिशत पर है लेकिन पिछले वर्ष यह 51.47 फीसदी ही भरा था।
पेंच बांधों में तो स्थिति संतोषजनक है लेकिन निम्न वेणा के वडगांव, नांद डैम में जल स्तर बीते वर्ष की तुलना में काफी कम है। इस वर्ष वडगांव डेम में जल स्तर अब तक सिर्फ 25.88 प्रतिशत पर पहुंचा है, जबकि पिछले वर्ष 2025 में 56.24 प्रतिशत जल संग्रह हो चुका था। इसी तरह नांद डेम में इस वर्ष पानी का स्टाॅक 16.49 फीसदी ही है जो बीते वर्ष 34.73 प्रतिशत था। मतलब बीते वर्ष से इस वर्ष की स्थिति देखें तो यह 50 फीसदी कम पर है। बारिश नहीं होने के चलते इन 2 बांधों में जल संग्रह अपनी क्षमता से नहीं हो पाया है।
नागपुर जिले में 12 मध्यम डैम हैं। बीते वर्ष 23 जुलाई को इनका जल स्तर 54.41 प्रतिशत था जो इस वर्ष अब तक 42.46 प्रतिशत तक पहुंचा है। मतलब बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष लगभग 12 प्रतिशत पानी का संग्रह कम हुआ है। वेणा, कान्होलीबारा, पांढराबोडी, मकरधोकड़ा और सायकी इन 5 बांधों की बात करें तो इस वर्ष अब तक इनका जल स्तर 30.84 प्रतिशत तक ही पहुंच पाया है। बीते वर्ष यह 59.58 प्रतिशत पर थे। वहीं चंद्रभागा, मोरधाम, केसरनाला, उमरी, कोलार, खेकरानाला, जाम डैम की स्थिति अच्छी है। इस वर्ष इन प्रकल्पों में औसत 51.39 प्रतिशत जल संग्रह हुआ है जो बीते वर्ष 50.43 प्रतिशत था।
कुल 60 लघु प्रकल्पों में से अधिकांश 50 फीसदी भी नहीं भरे हैं। केवल 9 ही ऐसे बांध हैं जिनमें पानी का स्टाॅक 50 से 75 फीसदी पर पहुंचा है। 51 बांधों में तो क्षमता का आधा जल भी संग्रह नहीं हो पाया है। जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई तक लघु प्रकल्पों में 33.04 फीसदी ही जल संग्रह हो पाया है। बीते वर्ष इस तिथि पर यह 55.13 प्रतिशत पर था। इस वर्ष 22 फीसदी पानी कम है। अब जुलाई के शेष दिनों और अगस्त की बारिश पर इस बांधों का जल स्तर निर्भर करेगा।