Cyber Fraud: दवा एक्सपोर्ट का झांसा, 15.85 लाख की ठगी; नाइजीरियाई नागरिक को नागपुर में ढाई साल की जेल

Nigerian Citizen Jailed In Nagpur: नागपुर कोर्ट ने 15.85 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी में नाइजीरियाई नागरिक शिनोन्सो राफेल को दोषी ठहराया। उसे ढाई साल की जेल और जुर्माने की सजा दी गई।
Nagpur Cyber Fraud Case Nigerian Citizen
नाइजीरियाई नागरिक को ढाई साल की जेल(सोर्स: AI)
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Nagpur Cyber Fraud Case: प्रथम वर्ग न्याय दंडाधिकारी एसके सोनवणे की कोर्ट ने एक नाईजीरियन नागरिक को 15.85 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में दोषी करार देते हुए ढाई वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

दोषी का नाम शिनोन्सो वान्ववो राफेल बताया गया है जो कासा अरबैनो, पलावा सिटी, डोंबिवली, मुंबई में रहता था। राफेल के खिलाफ झिंगाबाई टाकली निवासी नीलेश गोविंदराव जीवतोडे (45) ने 15.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।

क्या है मामला?

नीलेश ने पुलिस को बताया कि उनकी लाइफ लाइन नाम से दवा की दूकान है। मार्च 2023 में उन्होंने दवाई एक्सपोर्ट का नया बिजनेस शुरू किया। 6 सितंबर 2023 से 29 सितंबर 2023 के बीच राफेल के मोबाइल नंबर से उनके मोबाइल पर मैसेज आया जिसमें लिखा था कि हमें रिलायबल जेन्यूईन सप्लायर की भारत में जरूरत है।

नीलेश ने राफेल से बात की। झांसे में आकर नीलेश ने कार्डियक आर्गेनिक पाउडर का ऑर्डर दिया और समय समय पर राफेल के बताये बैंक खाते में कुल 15.85 लाख रुपये ऑनलाइन भेज दिये लेकिन समय बीतने के बाद भी उन्हें ऑर्डर किया माल नहीं मिला। अपने साथ हुई धोखाधडी समझ आते ही उन्होंने नागपुर साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया

पुलिस ने साइबर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की और 14 अक्टूबर 2023 को राफेल को गिरफ्तार कर लिया। नागपुर पुलिस द्वारा पेश सबूतों और गवाहों के अलावा अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने राफेल को दोषी करार दिया।

कोर्ट ने IPC की धारा 420 के तहत ढाई वर्ष का सश्रम कारावास और 50,000 रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना न भरने पर 3 महीने की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी। वहीं धारा 471 के तहत भी यही दंड सुनाया गया। इसके अलावा फारेनर एक्ट की धारा 14 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास और 50,000 रुपये जुर्मान की सजा दी गई।

जुर्माना न भरने पर 3 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पीआई डोलस और एपीआई शेलके ने चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष से सरकारी वकील एड। चोपड़े और बचाव पक्ष से एड. सेजल ने पैरवी की। हवलदार डडमल ने कोर्ट का कामकाज देखा।

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